उपायुक्त डॉ यशपाल ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के क्रियान्वयन की चरणबद्ध तरीके से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त आज सांय अपने कैंप कार्यालय में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना, निरोगी, ई-अधिगम, मॉडल संस्कृति स्कूल, डुअल डेस्क व अमृत सरोवर योजनाओं को लेकर अधिकारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
डॉ यशपाल ने कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक स्तर पर संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए लक्ष्य निर्धारित करने होंगे। साप्ताहिक आधार पर कार्यों का आंकलन करना होगा और जिस भी अधिकारी अथवा कर्मचारी के स्तर पर खामियां अथवा कोताही बरती जाती है तो उससे जवाब तलबी करने के निर्देश भी उपायुक्त ने दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित योजना के नोडल अधिकारी को योजना के क्रियान्वयन को लेकर साप्ताहिक आधार पर बैठक आयोजित करनी होगी और विभाग के मुखिया को 15 दिनों में एक बार समीक्षा करनी होगी।
स्वास्थ्य विभाग की निरोगी योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त डॉ. यशपाल ने निर्देश दिए कि पात्र परिवारों को इस योजना की जानकारी के लिए जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाए ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी मिल सके और वे योजना का लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि योजना के तहत अंतोदय परिवारों के स्वास्थ्य की निशुल्क जांच की जाती है। योजना के क्रियान्वयन के लिए आयु के आधार पर अलग-अलग वर्ग निर्धारित किए गए हैं। योजना का मकसद यही है कि शुरुआती दौर में बीमारी की पहचान हो सके और उपचार आरंभ किया जा सके।
शिक्षा विभाग की ई-अधिगम योजना की समीक्षा करते हुए उपायुक्त डॉ. यशपाल ने कहा कि इस योजना के तहत 10वीं, 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को सरकार द्वारा टैब उपलब्ध करवाए गए हैं और इसमें दिए गए सॉफ्टवेयर के माध्यम से बच्चों को सीखने में काफी मदद मिलती है। इसी प्रकार से उन्होंने मॉडल संस्कृति स्कूलों को लेकर भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट प्राप्त की और आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। जिला में 6 मॉडल संस्कृति स्कूल काम कर रहे हैं। इन स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा दी जाती है और इनका संबद्घ सीबीएसई से है। स्कूलों में डिजिटल बोर्ड व डुअल डेस्क आदि की व्यवस्था है।
डॉ. यशपाल ने मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना की भी समीक्षा की और कहा कि इस योजना का मुख्य मकसद पात्र लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध करवाना है। इसके तहत विभिन्न विभागों द्वारा लोन उपलब्ध करवाया जाता है और प्रशिक्षण देने का प्रावधान भी इस योजना में किया गया। अमृत सरोवर योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिये कि जून माह के अंत तक लक्ष्य को पूरा किया जाए।
बैठक में जिला की नवनियुक्त मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी अमृता सेन ने उपरोक्त योजनाओं के बारे में संक्षिप्त परिचय दिया और बताया कि योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए किस तरह से भविष्य में कार्य किया जाना है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी अमृता सेन, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजय सिंह मलिक, नगराधीश मोहित महराना, जिला शिक्षा अधिकारी मनजीत मलिक व मॉडल संस्कृति स्कूलों के प्राचार्य मौजूद थे।

