महम/रोहतक। महम क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश के बाद महम माइनर के टेल क्षेत्र में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। तितरी खेड़ा और निन्दाना गांव के टेल के आसपास स्थित खेतों में नहरी पानी और बारिश का पानी भरने से जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। ग्रामीणों के अनुसार पानी अब तेजी से निचले क्षेत्रों और निन्दाना गांव की बस्ती की ओर बढ़ रहा है।
बताया जा रहा है कि तेज बारिश शुरू होते ही महम माइनर की अधिकांश मोरियों को किसानों ने बंद कर दिया। जिन मोरियों को बंद नहीं किया गया, वहां से भी पानी निन्दाना गांव से महम रोड की पुलियाओं के नीचे से तेजी से गांव की ओर और निचले क्षेत्रों में स्थित खेतों की तरफ बढ़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि महम माइनर का पानी 54 बुर्जी स्थित टेल तक पहुंचने के बाद तितरी खेड़ा के खेतों से होकर वापस निन्दाना गांव के खेतों में फैल रहा है। इससे बड़ी मात्रा में कृषि भूमि जलमग्न हो गई है और अब पानी निन्दाना की बस्ती की तरफ बढ़ने की चिंता बनी हुई है।
चार महीने से टेल पर नहीं पहुंच रहा था पानी
किसानों के मुताबिक पिछले चार महीने से अधिक समय से महम माइनर की सफाई नहीं हुई है। साथ ही नहरी पानी की चोरी के आरोपों के चलते महम माइनर के टेल तक पर्याप्त नहरी पानी नहीं पहुंच रहा था। लेकिन तेज बारिश के बाद खरक, बैंसी, गुगाहेड़ी, फरमाना और निन्दाना क्षेत्र की मोरियों को बंद किए जाने से माइनर का अधिकतर पानी टेल की तरफ पहुंच गया।
बैंसी माइनर भी लबालब
दूसरी ओर बैंसी माइनर के हैड को बंद किए जाने के बावजूद खरक, बैंसी, गुगाहेड़ी और निन्दाना क्षेत्र में नहरी पानी की कथित चोरी के चलते जोरदार बारिश के बाद महम ड्रेन भी लबालब भर गई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि हर साल तेज बारिश के दौरान बैंसी माइनर के टेल और आसपास के खेतों में पानी भरने की समस्या सामने आती है। कई बार माइनर टूटने या ओवरफ्लो होने के कारण किसानों की फसलें और खेत प्रभावित होते हैं।
टेल के किसानों ने उठाए सवाल
किसानों का कहना है कि महम माइनर और बैंसी माइनर के टेल क्षेत्र में लंबे समय से सफाई और पानी के उचित प्रबंधन की समस्या बनी हुई है। उनका आरोप है कि टेल के किसानों को रजवाहों के ऊपरी हिस्से में धान उत्पादक किसानों द्वारा किए जाने वाले पानी के इस्तेमाल और कथित पानी चोरी का खामियाजा भुगतना पड़ता है।
किसानों ने हरियाणा सरकार और सिंचाई विभाग से महम माइनर तथा बैंसी माइनर के टेल की तत्काल सफाई कराने, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और नहरी पानी के वितरण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल बारिश के बाद खेतों में बढ़ते जलभराव ने टेल क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों को आशंका है कि यदि पानी का बहाव इसी तरह जारी रहा तो निन्दाना गांव की बस्ती और आसपास के अन्य निचले क्षेत्रों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

