करनाल में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेज के छात्रों में अब बॉन्ड पॉलिसी को लेकर दिन प्रतिदिन रोष बढ़ता जा रहा है। छात्र हर रोज अनोखे तरीके से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। आज 34 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक सरकार व छात्रों की बीच सहमति नहीं बन पाई है।
छात्र अब आम जनता को अपने साथ लेकर सरकार पर दबाव बनाना चाहते है। जिसको लेकर रविवार को कल्पना चावला मेडिकल के छात्रों ने नव आरोग्य संघर्ष यात्रा निकाली है। आज मेडिकल कॉलेज से 8 विद्यार्थियों ने साइकिल पर सवार होकर यह यात्रा करनाल से खानपुर PGI तक शुरू की। इन छात्रों के साथ में 5 और अन्य छात्र है जो गाड़ी में सवार है। जो रास्ते में इन छात्रों को बैकअप देंगे।
साइकिल यात्रा में पर निकले छात्रा ने कहा कि उनकी यह यात्रा आज करनाल से खानपुर PGI के रवाना हुई है। इस दौरान रास्ते में जितने भी गांव पड़ते है वह हर गांव में गांव के सरपंचों व लोगों से मिलेंगे और सरकार की इस बॉन्ड पॉलिसी के बारे में जागरूक करेंगे कि कैसे यह सरकार की बॉन्ड पॉलिसी खाली पैसे वसूलने वाली है। आम लोगों के सहयोग के बिना वह सरकार को नहीं झुका सकते हैं। इस यात्रा का उद्देश्य आम जनता को अपने साथ जोडना है।
मेडिकल कॉलेज से नव आरोग्य संघर्ष यात्रा के लिए छात्रों ने कहा कि आज शाम तक वह साइकिल पर यह यात्रा करते हुए खानपुर PGI पहुंच जाएगें। वहां हड़ताल पर बैठे छात्रों का हौसला भी बढ़ाएंगे। रात्रि ठहराव वहीं किया जाएगा व आगे की रणनीति को लेकर चर्चा की जाएगी।
छात्रों ने कहा कि पिछले 34 दिन से कोई भी छात्र पढ़ने के लिए कक्षाओं में नहीं गए हैं। जिससे उनकी पढ़ाई भी काफी प्रभावित हो रही है। पढ़ाई न होने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। छात्रों ने कहा कि यह सरकार उनको दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वह दबने वाले नहीं है। जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब वह पीछे हटने वाले नहीं है।
छात्रों की ये है मुख्य मांगे
-साइकिल यात्रा में शामिल छात्रों की मुख्य मांग है कि बॉन्ड एग्रीमेंट में से बैंक की दख़लंदाजी पूरी तरह से खत्म की जाए।
– साथ ही बॉन्ड सेवा की अवधि 7 साल से घटाकर अधिकतम 1 वर्ष की जाए।
– ग्रेजुएशन के अधिकतम 2 महीने के अंदर सरकार MBBS ग्रेजुएट को नौकरी प्रदान करे।
– 40 लाख सेवा बॉन्ड राशि को घटाकर 5 लाख रुपए किया जाए।

