रोहतक पीजीआई में MBBS स्टूडेंट पिछले 19 दिन से लगातार बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। स्टूडेंट्स ने पहले ही स्वास्थ्य सेवाएं बंद करने की चेतावनी दे रखी थी। इसके तहत रोहतक स्थित PGI में OPD शनिवार करीब एक घंटे तक MBBS स्टूडेंट के समर्थन में बंद रही। इस दौरान PGI में पहुंचने वाले मरीजों को भी समय पर उपचार नहीं मिल पाया। ऐसे में काफी मरीजों को दिक्कत हुई। साथ ही मरीज भी MBBS स्टूडेंट के समर्थन में भी खड़े दिखाई दिए।
मरीजों ने भी कहा कि इन भावी डॉक्टरों की मांगों पर सरकार को मंथन करना चाहिए ताकि विद्यार्थियों को भी किसी प्रकार का प्रदर्शन करने की बजाय पढ़ाई करें। इधर, इलाज नहीं मिलने के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि हड़ताल के बाद ओपीडी सुचारु शुरू हो गई।
विरोध प्रदर्शन के दौरान एक घंटे तक जब ओपीडी बंद रही तो MBBS स्टूडेंट भी ओपीडी में ही मौजूद रहे। उन्होंने मरीजों व उनके साथ आए लोगों से मदद भी मांगी। साथ ही एक घंटे तक ओपीडी बंद रहने के कारण हुई परेशानी को लेकर भी लोगों के समक्ष अपनी पीड़ा रखी ताकि लोग उनके समर्थन में खड़े हों। छात्रों ने चेतावनी भी दी कि जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा किया जाए।
ये रखी मांग
– बॉन्ड एग्रीमेंट में से बैंक की दखल अंदाजी पूरी तरह से खत्म की जाए।
– साथ ही बॉन्ड सेवा की अवधि 7 साल से घटाकर अधिकतम 1 वर्ष की जाए।
– ग्रेजुएशन के अधिकतम 2 महीने के अंदर सरकार MBBS ग्रेजुएट को नौकरी प्रदान करे।
– 40 लाख सेवा बॉन्ड राशि को घटाकर 5 लाख रुपए किया जाए
– PG कोर्स (MD/MS) के बारे में स्थिति बिल्कुल साफ की जाए।

