रोहतक PGI में बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में MBBS स्टूडेंट का पिछले 43 दिनों से धरना प्रदर्शन जारी हैं। इस दौरान धरनारत छात्रों ने अभिभवकों के साथ मिलकर शिक्षक-अभिभावक बैठक (PTM) का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। जिसको लेकर पंडित भगवत दयाल शर्मा PGIMS रोहतक के डायरेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से पीटीएम बहिष्कार करने के निर्णय से अवगत करवाया। पंडित भगवत दयाल शर्मा PGIMS प्रशासन द्वारा 13 दिसंबर को शिक्षक-अभिभावक बैठक के लिए कहा गया था। जिसका बहिष्कार इसलिए किया, क्योंकि विद्यार्थी पिछले 43 दिनों से धरने पर बैठे हैं। ऐसे में पीटीएम करने का क्या औचित्य है।

MBBS स्टूडेंट व सरकार के बीच तीन दौर की बैठक हो चुकी हैं। 30 नवंबर को तीसरे दौर की बैठक में मुख्यमंत्री ने बॉन्ड पॉलिसी में बदलाव करके फीस 30 लाख व सरकारी संस्थाओं में सेवा अवधि 5 साल करने की बात कही थी। लेकिन करीब 13 दिन का समय बीतने के बाद भी कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया। जिसका छात्रों को इंतजार है।

MBBS स्टूडेंट ने बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में 1 नवंबर को धरना प्रदर्शन शुरू किया था। इस दौरान पॉलिसी को वापस लेने की मांग उठी। वहीं विरोध तेज करते हुए 24 नवंबर को भूख हड़ताल भी आरंभ कर दी। लेकिन अभी तक न तो सरकार ने मांग पूरी की है और न ही छात्र हड़ताल खत्म करने को राजी हैं।

MBBS स्टूडेंट का मुद्दा राज्यसभा में भी पहुंच चुका है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद डॉ. सुशील गुप्ता ने हरियाणा में धरने पर बैठे मेडिकल छात्रों का मुद्दा राज्यसभा में उठाया। साथ ही मुख्यमंत्री से जवाब मांगा कि इन विद्यार्थियों पर थौंपी गई बॉन्ड पॉलिसी को लेकर सरकार क्या कर रही है।

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