यमुनानगर के सिटी सेंटर रोड पर कबाड़ गोदाम में रात 1:30 बजे भीषण आग लगने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। परिवार गोदाम के ऊपर बने क्वार्टरों में रह रहा था। साथ ही आग से सारा सामान भी जलकर राख हो गया। वहीं 17 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दमकल की 8 गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
मिली जानकारी के अनुसार यह गोदाम नवीन नाम के कबाड़ी का है। वह यहां 40 साल से यह कबाड़ का काम कर रहा है। गोदाम के उपर ही उसने मजदूरों के रहने के लिए क्वार्टर बना रखे हैं। गोदाम की छत पर करीब 22 क्वार्टर बने हैं। इनमें 17 के करीब लोग रहते हैं। एक क्वार्टर में बिहार के मधुबन जिले के गांव मिल्कमादीपुर निवासी नियामुद्दीन पत्नी सलमा और तीन बच्चों के साथ रहता था। आग ने सबसे पहले उसके क्वार्टर को ही चपेट में लिया। आग लगने से नियामुद्दीन (37), उसकी बेटी फिजा (12), बेटे चांद (8), रेहान (3) की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी पत्नी नसीमा (25) गंभीर रूप से झुलस गई। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अभी आग लगने के कारणों का कोई पता नहीं लग सका है। प्राथमिक जांच में शार्ट सर्किट होने को वजह बताया जा रहा है। जिला दमकल अधिकारी प्रमोद दुग्गल का कहना है कि कबाड़ गोदाम है। इसमें कई बार ज्वलनशील पदार्थ भी होते हैं। ऐसे में जांच के बाद ही पता लग सकेगा कि आग कैसे लगी। फिलहाल गाड़ियां आग बुझाने में लगी हैं। अभी तक आठ गाड़ियां आ चुकी हैं।
आग लगने के बाद चीख पुकार मच गई। आसपास के लोग भी घरों से बाहर से आ गए। पुलिस और दमकल ने गोदाम की छत पर बने अन्य क्वार्टरों से लोगों को निकालना शुरू किया। इस दौरान दो जगहों से दीवार को तोड़ा, क्योंकि आग फैलकर नीचे गोदाम तक पहुंच चुकी थी। ऐसे में दीवार को तोड़कर 17 और लोगों को बाहर निकाला।
यमुनानगर सिटी थाना से एसआई दल सिंह ने बताया कि चार शवों को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है। महिला नसीमा की हालत गंभीर है। उसे अस्पताल में दाखिल कराया गया है। आगे मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पता लगेगा कि आग कैसे लगी है। वहीं मेयर मदन चौहान भी घटनास्थल पर पहुंचे। वीरवार सुबह 10 बजे तक गोदाम में दमकल विभाग के कर्मचारी और जिला प्रशासन आग बुझाने के प्रयास में लगा रहा।
