जिला प्रशासन द्वारा प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार आमजन से सीधा जुड़ाव के लिए हरियाणा उदय कार्यक्रम के तहत जिला के तीन गांवों में जनसंवाद एवं रात्रि ठहराव कार्यक्रम आयोजित किये जा चुके है। इन कार्यक्रमों के दौरान संबंधित गांवों के निवासियों की शिकायतों के समाधान के साथ-साथ ग्राम विकास की परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।
उपायुक्त अजय कुमार स्थानीय लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फें्रस हॉल में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को हरियाणा उदय के तहत जिला में आयोजित किये गए कार्यक्रमों का विवरण दे रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा अब तक जिला के बखेता, सैम्पल तथा बहुअकबरपुर में हरियाणा उदय के तहत कार्यक्रम आयोजित किये जा चुके है। इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं व शिकायतों की सुनवाई कर मौके पर ही अधिकारियों को इनके समाधान के आदेश दिये गए। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं एवं विकास परियोजनाओं से ग्रामीणों को सीधा जोडऩे के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के तहत तालाब की सफाई, खेलकूद प्रतियोगिता इत्यादि का आयोजन भी किया गया है। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की जनभागीदारी रही है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियो कॉन्फें्रस के माध्यम से हरियाणा उदय कार्यक्रम के तहत आयोजित किये जा रहे जनसंवाद एवं रात्रि ठहराव कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा उदय के तहत उपायुक्त स्तर एवं पुलिस अधीक्षक स्तरों पर कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे है। इन कार्यक्रमों में ज्यादा से ज्यादा जनभागीदारी सुनिश्चित करें। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को प्रशासन के साथ जोड़ा जाये। शिकायतकर्ताओं की शिकायतों का यथाशीघ्र समाधान कर उन्हें संतुष्टï करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाये। ग्रामीणों को ग्राम दर्शन तथा शहरी लोगों को शहर दर्शन पोर्टल की जानकारी दी जाये। सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित अवधि में इन शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित किया जाये।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान शिकायतों का निपटारा, पौधारोपण, खेलकूद, सफाई व नशा मुक्त हरियाणा आदि से संबंधित गतिविधियां आयोजित करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ सीधा जुडऩे के लिए स्थानीय त्योहारों जैसे तीज इत्यादि के अवसर पर भी ग्रामीणों के बीच त्योहार मनाया जाये। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु के दौरान बारिश से होने वाले जलभराव की तुरंत निकासी करवाई जाये तथा वर्षा ऋतु के दौरान नियमित रूप से ऐसे स्थलों पर जल निकासी के प्रबंध किये जाये एवं ऐसे स्थानों की सूची तैयार कर सरकार को भिजवाये ताकि जलभराव का स्थाई समाधान करवाया जा सकें। सरकार द्वारा जलभराव की समस्या के समाधन के लिए गतदिनों 800 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाएं मंजूर की गई है। सम्पत्ति आईडी को दुरुस्त करने के लिए शहरी स्थानीय निकायों द्वारा कैंप लगाये जा रहे है। उन्होंने वीडियो कॉन्फें्रस में उपस्थित अतिरिक्त उपायुक्तों से परिवार पहचान पत्र की समस्याओं के समाधान के लिए उचित व्यवस्था करवाने को कहा।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त महेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी जितेंद्र शर्मा, जिला विज्ञान एवं सूचना अधिकारी डॉ. जितेंद्र मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी मंजीत मलिक सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
