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मनोहर लाल खट्टर का CJP पर प्रहार, कहा- ‘कॉकरोच जनता पार्टी शरारती तत्वों का मूव

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर शुक्रवार को ट्रेन से करनाल पहुंचे. बिजली संकट पर उन्होंने कहा कि “पिछले चार-पांच दिनों से देश में गर्मी काफी बढ़ी है. बिजली की डिमांड भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन हमने देश में कहीं भी बिजली की कोई परेशानी नहीं आने दी. हर जगह व्यवस्था ठीक है. चाहे किसी भी प्रकार का सोलर पावर हो, थर्मल पावर हो, हर चीज को हम बढ़ाने में लगे हुए हैं. आगे चलकर इसकी डिमांड और भी बढ़ने वाली है.”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि “डीजल और पेट्रोल की दिक्कत के चलते बहुत सारे कारोबार अब सोलर जैसी चीजों पर आ गए हैं. आने वाले समय में ईवी और भी बढ़ती हुई दिखाई दे रही है. पावर की बढ़ती हुई हर डिमांड को हम पूरा करेंगे ऐसा मेरा विश्वास है.” मनोहर लाल खट्टर ने भरोसा दिलाया कि अगर आने वाले दिनों में बिजली की मांग 283 गीगावॉट तक भी पहुंचती है, तब भी देश उसे पूरा करने में सक्षम है.

मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि “आने वाले वर्षों में बिजली की खपत और तेजी से बढ़ने वाली है. इसे देखते हुए केंद्र सरकार पहले से ही व्यापक स्तर पर तैयारी कर रही है. पेट्रोलियम संसाधनों पर बढ़ते दबाव के कारण भविष्य में बिजली आधारित तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ेगा. इलेक्ट्रिक उपकरणों, एआई टेक्नोलॉजी, डाटा सेंटर और ईवी सेक्टर के विस्तार से बिजली की मांग में बड़ा उछाल आएगा. सरकार का लक्ष्य है कि देश की ऊर्जा जरूरतों को समय रहते पूरी तरह मजबूत किया जाए.”

कॉकरोच जनता पार्टी पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये कुछ शरारती तत्वों द्वारा फैलाया गया मामला है. संबंधित पार्टी और उसके पोर्टल को बंद कर दिया गया है और इसे चलाने वाले लोग भी अब पीछे हट चुके हैं. पत्रकारों ने कहा कि किसान नेता गुरनाम चढूनी ने दावा किया है कि उनको कॉकरोच पार्टी का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है. इस पर मनोहर लाल ने मुस्कुराते हुए कहा कि ‘ठीक है’.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे से लौटने के बाद हुई मंत्रिपरिषद बैठक को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि “प्रधानमंत्री विदेश से लौटते ही काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स की बैठक में शामिल हुए, जिसमें करीब 70 मंत्रियों ने भाग लिया. लगभग साढ़े चार घंटे तक चली इस बैठक में प्रधानमंत्री ने अपने विदेशी दौरे के अनुभव साझा किए और विभिन्न मंत्रालयों के कार्यों की समीक्षा की गई. करीब 6 महीने बाद हुई यह नियमित बैठक थी, जिसमें देश के मौजूदा हालात और चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई.”

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