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मनीषा मित्तल मर्डर केस: भाई हिमांक ने गोविंद संग रची थी हत्या की साजिश

शिमला पुलिस ने संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में बड़ी सफलता हासिल की है। मामले में पुलिस ने हत्या की साजिश रचने के आरोप में मृतका के भाई हिमांक मित्तल और उसके पार्टनर गोविंद को रोहतक से गिरफ्तार किया है।
पुलिस गोविंद को शिमला ले आई है, जबकि हिमांक मित्तल फिलहाल पुलिस हिरासत में रोहतक के एक अस्पताल में उपचाराधीन है। उसकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होने के बाद उसे भी शिमला लाया जाएगा। इससे पहले इस मामले में दो शूटरों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।

एएसपी शिमला ने बताया कि हिमांक मित्तल और गोविंद ने ही मनीषा मित्तल की हत्या की साजिश रची थी। उन्होंने दावा किया कि सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में दो शूटरों को शिमला पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

संजौली की मनीषा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मनीषा के भाई हिमांक मित्तल और गोविंद को रोहतक से गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में संपत्ति विवाद हत्या की साजिश की वजह सामने आया है। गोविंद घटना के बाद विदेश चला गया था और लौटने पर उसे गिरफ्तार किया गया। मामले की जांच जारी है।

राजधानी शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के समीप 13 जून को हुई मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में जिला पुलिस ने जांच पूरी करते हुए बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश संपत्ति विवाद को लेकर रची गई थी। मामले में मनीषा के भाई हिमांशु मित्तल, उसके कारोबारी साझेदार गोविंद और वारदात को अंजाम देने वाले दो कथित शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एएसपी सिटी मेहर पंवार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार की गई जांच के आधार पर पुलिस ने घटना के करीब 39 घंटे के भीतर हरियाणा के रोहतक से दोनों कथित शूटर आशीष अहलावत और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से हत्या में इस्तेमाल की गई दोनों पिस्तौल भी बरामद की गईं।

पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि मृतका का अपने भाई हिमांशु मित्तल और गोविंद के साथ संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि गोविंद ने कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार किराये पर लेकर शूटरों को उपलब्ध कराई थी। साथ ही उसने आरोपी दीपक के खाते में पैसे भी ट्रांसफर किए थे।

एएसपी के अनुसार, घटना के बाद गोविंद विदेश चला गया था। भारत लौटने के बाद भी उसने अपना मोबाइल फोन बंद रखा और पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा। तकनीकी निगरानी और लगातार की गई कार्रवाई के आधार पर पुलिस ने 28 जून को उसे रोहतक से गिरफ्तार किया। अदालत से चार दिन का पुलिस रिमांड भी प्राप्त किया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि वारदात से कुछ दिन पहले हिमांशु मित्तल ने गोविंद के खाते में करीब 8.5 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। पुलिस के मुताबिक हिमांशु के पास सरस्वती पैराडाइज स्कूल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तक पहुंच थी, जिससे वह मनीषा की गतिविधियों पर नजर रखता था। यह सीसीटीवी एक्सेस बाद में गोविंद के माध्यम से कथित शूटरों तक पहुंचाया गया।

पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान एकत्र किए गए साक्ष्यों के आधार पर हिमांशु मित्तल इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार था। उसे 29 जून को रोहतक से गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

एएसपी सिटी मेहर पंवार ने कहा कि जिला शिमला पुलिस ने तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले का सफल खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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