रोहतक स्थित पीजीआईएमएस के डेंटल कॉलेज में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां एक महिला मरीज की मौत के बावजूद कागजों में उसकी हाजिरी और लीव स्टेटस दर्ज किए जाने का आरोप लगने से हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी एसोसिएशन (AMVA) ने कॉलेज प्रशासन पर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
AMVA अध्यक्ष डॉ. विक्रम डूमोलिया ने आरोप लगाया कि फतेहाबाद की एक महिला मरीज को 27 अप्रैल को ओरल सर्जरी के लिए भर्ती किया गया था, जहां उसके तीन ऑपरेशन किए गए। इसी दौरान 16 मई को मरीज को हार्टअटैक की शिकायत हुई, जिसके बाद डॉक्टर द्वारा उचित उपचार देने के बजाय उसे घर लीव पर भेज दिया गया।परिजनों के अनुसार, घर पहुंचने के तुरंत बाद महिला मरीज की मौत हो गई, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से कॉलेज रिकॉर्ड में 21 मई तक उसे लीव पर दर्शाते हुए हाजिरी लगाई जाती रही।
AMVA ने इस पूरे मामले को गंभीर प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए डेंटल कॉलेज की प्रिंसिपल से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पीजीआई प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
