इंदौर। बहुचर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में एक नया और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। मृतक राजा रघुवंशी के परिवार ने मुख्य आरोपी सोनम को लेकर बड़ा दावा करते हुए आरोप लगाया है कि वह भारत छोड़कर नेपाल भाग चुकी है। परिवार का कहना है कि सोनम वर्तमान में मेघालय की राजधानी शिलांग में मौजूद नहीं है और उसने सुनियोजित तरीके से देश से बाहर निकलने की साजिश रची है।
मृतक के भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया कि सोनम ने अपने वकील और उसके नेटवर्क की मदद से कानूनी खामियों का फायदा उठाया तथा सुरक्षित तरीके से भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने में सफलता हासिल की। उन्होंने कहा कि जिस समय अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी, उस दौरान जांच एजेंसियों को आरोपी की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए थी।
गौरतलब है कि शिलांग हाई कोर्ट में सोनम की जमानत याचिका पर हाल ही में लंबी सुनवाई हुई थी। अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कानूनी प्रक्रिया के अनुसार फैसले के बाद ही सोनम की स्थिति स्पष्ट होनी थी कि उसे जमानत मिलेगी या नहीं। ऐसे में कोर्ट के आदेश से पहले उसके नेपाल फरार होने के आरोपों ने पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है।परिवार ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं। विपिन रघुवंशी का कहना है कि यदि जांच एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभातीं तो आरोपी देश छोड़कर नहीं जा पाती। उन्होंने आशंका जताई कि जांच में बरती गई ढिलाई और लापरवाही के कारण आरोपी को भागने का मौका मिला।
पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर भी असंतोष व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि शुरुआत से ही इस हाई-प्रोफाइल हनीमून मर्डर केस को भटकाने और इसे एक सामान्य हादसा साबित करने की कोशिश की जाती रही है। परिवार का कहना है कि इस मामले में सिर्फ सोनम ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर उसे कानूनी संरक्षण प्रदान कर रहे हैं।
इसी के चलते परिवार ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग तेज कर दी है। परिजनों का कहना है कि निष्पक्ष और गहन जांच के लिए सीबीआई जांच बेहद जरूरी है, ताकि राजा रघुवंशी की मौत की असली सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके। फिलहाल मामले में परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। वहीं, सभी की नजरें अब शिलांग हाई कोर्ट के फैसले और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। :::
