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हरियाणा कैबिनेट के बड़े फैसले…27 अगस्त से विधानसभा का मानसून सत्र₹5,714 करोड़ के वाटर सिक्योर प्रोजेक्ट को मंजूरी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंत्रिमंडल बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी साझा की। हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र 27 अगस्त 2026 से शुरू होगा।

कैबिनेट ने प्रदेश में जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए विश्व बैंक के सहयोग से ₹5,714.80 करोड़ के ‘वाटर सिक्योर हरियाणा प्रोग्राम’ को मंजूरी दी है। इस परियोजना से 15 सिंचाई क्लस्टरों में करीब 48.94 लाख एकड़ क्षेत्र और लगभग 45 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है।

104 नहर चैनलों का होगा नवीनीकरण

परियोजना के तहत 104 नहर चैनलों का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके अलावा 131 नई जल संरचनाएं बनाई जाएंगी और 620 जलमार्गों में सुधार किया जाएगा।

वहीं, 120 सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं विकसित की जाएंगी। ट्रीटेड वेस्ट वाटर के दोबारा उपयोग पर भी जोर दिया जाएगा। इससे सिंचाई के लिए जल उपलब्धता बढ़ाने और पानी के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है।

महिला स्टार्टअप को विशेष प्रोत्साहन

कैबिनेट ने हरियाणा स्टार्टअप नीति के तहत महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप को विशेष प्रोत्साहन देने का फैसला किया है। ऐसे स्टार्टअप को लीज किराये में 50 प्रतिशत सब्सिडी और 7 वर्ष तक 100 प्रतिशत नेट SGST प्रतिपूर्ति जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

इसके अलावा सूक्ष्म अनुदान, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, प्रदर्शनियों, गुणवत्ता प्रमाण-पत्र, क्लाउड कंप्यूटिंग, सीड फंड, अप्रेंटिसशिप और कॉरपोरेट पायलट के लिए भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

पात्र हरियाणा स्टार्टअप के लिए सरकारी खरीद में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। साथ ही विश्वस्तरीय ‘एच-हब’ स्थापित करने की योजना है।

निजी कोचिंग संस्थानों के लिए नए नियम

कैबिनेट ने ‘हरियाणा प्राइवेट कोचिंग संस्थान, रजिस्ट्रेशन और रेगुलेशन नियम, 2026’ को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रदेश में निजी कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण और नियमन की व्यवस्था तय होगी।

नर्सिंग होम खोलने के नियमों में राहत

कैबिनेट ने नर्सिंग होम नीति में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया है। पात्र एलोपैथिक और आयुष डॉक्टर अब निर्धारित शर्तों के तहत लीज पर लिए गए रिहायशी प्लॉट पर भी नर्सिंग होम स्थापित कर सकेंगे।

सरकार का कहना है कि इससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा और लोगों को अपने आसपास बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

कुल मिलाकर कैबिनेट के फैसलों में जल सुरक्षा, स्टार्टअप, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है।

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