पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राजपुरोहित ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुये बताया कि साइबर थाना टीम ने अंतरराज्जीय साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना की टीम ने साइबर धोखाधडी करने के 03 मामलो मे 12 आरोपियो को गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है। आरोपी वेली रेट मालवेयर का प्रयोग कर, फर्जी बेवसाइट बनाकर, क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी करने की वारदातो को अंजाम देते थे।
1.17 लाख रुपये की ठगी
पुलिस अधीक्षक ने बतया कि वसंत विहार निवासी दिनेश की शिकायत के आधार धारा 318(4), 319, 336(3), 338, 340(2), 61(2) बीएनएस के तहत अभियोग संख्या 60/2026 अंकित कर जांच शुरु की गई। जांच मे सामने आया कि आरोपियो ने कम्पनी का अधिकारी बनकर फर्जी व्हाटसअप पर फर्जी प्रोफाइल लगाकर मैनेजर के पास मैसज किया। जिसमे मालिक ने मीटिंग मे व्यस्त होने के बताते हुये 17 लाख रुपये तुंरत ट्रांसफर करने को कहा। मैनेजर ने कम्पनी मालिक का आदेश समझकर उनके द्वारा दिये गये खाते मे 17 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिये।
दौराने जांच साइबर थाना की टीम ने छापेमारी करते हुये लातूर(महाराष्ट्र) से दो मुख्य आरोपी राहुल जयसिंह व राजहंस देवीदास को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियो को राहदारी रिमांड पर हासिल किया गया। आरोपियो से ठगी मे प्रयुक्त आईसीआईसीआई बैंक खाते की चैक बुक, हवाई यात्रा और ट्रेन की टिकटे बरामद हुई है। आरोपी राहुल को पेश अदालत कर न्यायिक हिरासत भेजा गया है। आरोपी राजहंस को अदालत के आदेश पर 12 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है।
ठगी करने का तरीका –
आरोपी वेली रेट सक्रंमण के माध्यम से ठगी करते थे। इस सक्रमंण के जरिये आरोपी पूरा संवेदनशील जानकारी हासिल करते है। व्हाटसअप प्रोफाइल क्लोनिंग कर फर्जी प्रोफाइल फोटो व फर्जी व्हाटसअप बनाकर हैक कर रुपये की डिमांड करते थे।
- क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढाने के नाम पर (1,15,438/-) रुपये की ठगी
तेजवीर निवासी आजादगढ की शिकायत के आधार पर धारा 318(4), 319, 61(2) बीएनएस के तहत थाना साइबर क्राइम मे अभियोग संख्या 34/2026 अंकित कर जांच शुरु की गई। जांच मे सामने आया कि तेजवीर के पास कॉल कर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढाने के नाम पर ओटीपी मांगा। ओटीपी देने पर तेजवीर के खाते से 1,15,438/- रुपये कट गये।
दौराने जांच पुलिस टीम ने छापेमारी करते हुये 04 आरोपियो को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियो की पहचान राजेश (सिम धारक), जगदीश, (सिम धारक) ललित (सिम उपलब्ध करवाने), हिमांशु (फर्जी कॉल सेंटर संचालक) निवासीगण टैगोर गार्डन दिल्ली के रुप मे हुई।
ठगी करने का तरीका
आरोपी फर्जी कॉल सेंटर बनाकर गिरोह मे काम करते थे। आरोपी बैंक के अधिकारी बनकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढाने के बारे कॉल कर ठगी करने का काम करते थे। आरोपी ऑनलाइन सामान, सिम धारक, फर्जी सिम भी उपलब्ध करवाते थे।
3.- क्रेडिट कार्ड के रिवार्ड प्वाइंट के नाम पर 2,63,055/- की ठगी
संदीप निवासी पाडा मौहल्ला की शिकायत के आधार पर धारा 318(4), 319(2), 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस के तहत थाना साइबर क्राइम मे अभियोग संख्या 55/2026 अंकित कर जांच शुरु की गई। जांच मे सामने आया कि संदीप के पास आईसीआईसीआई का क्रेडिट कार्ड है। संदीप के पास एक लडकी ने फोन कर बताया कि उसके क्रेडिट कार्ड के रिवार्ड प्वाईंट खत्म होने वाले है। संदीप ने क्रेडिट कार्ड ना होने बारे कहा। जिसके बाद संदीप को अन्य युवक ने फोन कर बताया कि क्रेडिट कार्ड के प्वाईंट रिडिम करने के लिये क्रेडिट कार्ड की जरुरत नही है बस ऑनलाइन www.onlinesupport.cards/icici लिंक बताकर सर्च कर डिटेल भरने बारे कहा। संदीप ने अपनी डिटेल भरने पर 2,63,055/-रुपये कट गये।
दौराने जांच पुलिस टीम ने छापेमारी करते हुये 06 आरोपी राहुल, दीपक, वीरु, गगनदीप, कर्ण निवासीगण दिल्ली व फैजान निवासी उतर प्रदेश को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियो से 15 मोबाइल फोन बरामद हुये है।
ठगी का तरीका
आरोपी फेसबुक से फर्जी बेबसाइट तैयार कर क्रेडिट कार्ड का डाटा, फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध करवाने वाले से सम्पर्क करते थे। आरोपी फर्जी बैंक बेबसाइट का लिंक तैयार कर क्रेडिट कार्ड धारक के पास कॉल करके ओटीपी के माध्यम से ठगी करते थे। खाते मे आई ठगी की रकम को आरोपी ई-कॉमर्स बेबसाइट पर जाकर महंगी-2 चीजे ऑर्डर करते थे। जिनको बाजार मे बिल के साथ बेचकर रकम प्राप्त करते थे।
