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गुरुग्राम ग्रीवेंस मीटिंग में CM सैनी का बड़ा एक्शन, पटवारी सस्पेंड; दो अधिकारियों का आधा वेतन कटेगा

गुरुग्राम। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में आयोजित जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक में लापरवाही के मामलों पर सख्त रुख अपनाया। काम में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर मुख्यमंत्री ने पटवारी मंदीप हुड्डा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए। वहीं, प्रॉपर्टी आईडी मामले में लापरवाही बरतने पर पटौदी-जटौली मंडी नगर परिषद के एमई और बिल्डिंग इंस्पेक्टर का अगले तीन महीने तक 50 प्रतिशत वेतन काटने तथा उनकी पोस्टिंग एनसीआर से बाहर करने के निर्देश दिए।

सड़क मरम्मत में लापरवाही के मामले में पीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी का एक महीने का वेतन काटने के आदेश भी दिए गए।

15 शिकायतों में से 11 का मौके पर निपटारा

बैठक के एजेंडे में कुल 15 शिकायतें रखी गई थीं। मुख्यमंत्री ने एक-एक मामले की समीक्षा की और इनमें से 11 शिकायतों का मौके पर ही निपटारा कर दिया। शेष चार मामलों में तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से जांच पूरी करने के निर्देश देते हुए उन्हें अगली मासिक बैठक तक लंबित रखा गया।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की योजना

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजना को मंजूरी देने की जानकारी भी दी।

योजना के तहत वर्ष 2027 के अंत तक प्रदेश के 400 से अधिक सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए भवन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

गुरुग्राम और मानेसर में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति सुधारने के आदेश

मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम और मानेसर को स्वच्छ एवं आधुनिक शहर बनाने के लक्ष्य के तहत दोनों नगर निगमों के अधिकारियों को सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने सफाई व्यवस्था को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि राहगीरों तथा स्थानीय नागरिकों को सार्वजनिक सुविधाओं के इस्तेमाल में परेशानी न हो।

बैठक में मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद लापरवाही से जुड़े मामलों में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

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