हरियाणा में गणपति विसर्जन के दौरान 2 जगह बड़े हादसे हुए। महेंद्रगढ़ में झगड़ोली नहर में गणेश जी की प्रतिमा के साथ 8 लोग बह गए, जिनमें से 4 की मौत हो गई। वहीं, सोनीपत में यमुना नदी में भी 3 की मौत हो गई, 2 अभी लापता हैं।
महेंद्रगढ़ में शनिवार को चारों युवकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। लोगों ने मृतकों के परिजनों को 10 लाख मुआवजा देने और नौकरी देने की मांग दी। इसके लिए उन्होंने धरना भी दिया। एसडीएम ने कहा कि मुआवजे के लिए सीएम से बात की है।
शुक्रवार को महेंद्रगढ़ में कनीना-रेवाडी रोड पर स्थित गांव झगड़ोली के पास नहर में गणेश की प्रतिमा विसर्जित करने गए 9 लोग पानी के तेज बहाव के साथ बह गए। देर रात आठ लोगों को नहर से बाहर निकाला गया। इनमें से 4 की मौत हो गई। अन्य 4 की हालत गंभीर है।महेंद्रगढ़ में मृतकों की पहचान टिंकू, आकाश, नितिन और निकुंज के तौर पर हुई है। यह सभी 18 से 23 साल के बताए गए हैं। मनोज, दीपक, सुनील, संजय को गंभीर हालत में रेफर किया गया है।
लोगों के नहर में बहने की सूचना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। महेंद्रगढ़ के सरकारी अस्पताल में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। पूर्व शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा मौके पर पहुंचे। फिलहाल नहर के पानी को रुकवा दिया गया है।
हरियाणा के सोनीपत में यमुना नदी के मीमारपुर घाट पर गणपति की प्रतिमा विसर्जन के दौरान सुंदर सांवरी निवासी सुनील (45), उनका बेटा कार्तिक (13) और भतीजा दीपक (20) डूब गए। देर रात को सुनील और उनके भतीजे दीपक के शव बरामद हो गए। सुनील के बेटे कार्तिक की तलाश जारी है।
वहीं, यमुना के बेगा घाट पर रेहड़ा बस्ती का सुमित (22) तेज बहाव में डूब गया। प्रतिमा विसर्जन के लिए वह छह साथियों के साथ यमुना में अंदर गया था। उसके छह साथियों को यमुना से निकाल लिया गया। उसका शव ही बरामद हो सका।

