जम्मू-कश्मीर के श्री माता वैष्णो देवी भवन मार्ग पर सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। पंछी के पास हुए भू-स्खलन में दबने से 2 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गयी। वहीं एक महिला श्रद्धालु बुरी तरह से घायल हो गयी, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में सवाल उठता है कि क्या माता वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा को अभी बंद कर दिया गया है?

जानकारी के अनुसार भूस्खलन की यह घटना सोमवार की दोपहर करीब 2.35 बजे हुई। यह घटना माता वैष्णो देवी भवन मार्ग से 3 किमी पहले हुई। मीडिया से बात करते हुए अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन की वजह से लोहे की शेड पूरी तरह से नष्ट हो गयी। बताया जाता है कि शेड के नीचे दबने की वजह से ही दोनों महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गयी।

भू-स्खलन की जानकारी मिलते ही श्राइन बोर्ड की आपदा प्रबंधन टीम तुरंत मौके पर पहुंची। मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे में जान गंवाने वाली महिलाओं की पहचान गुरदासपुर, ज्ञानपुर गली नंबर 2 निवासी सुरदर्शन की पत्नी सपना और उत्तर प्रदेश के कानपुर की रहने वाली नेहा के रूप में हुई है।

बताया जाता है कि पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण हिमकोटि मार्ग पर भू-स्खलन हुआ है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन होने का अनुमान लगाया जा रहा है। भूस्खलन के बाद वैष्णो माता की यात्रा को पूरी तरह से बंद नहीं किया गया है। जानकारी के अनुसार जिस रास्ते पर भूस्खलन की घटना हुई है, फिलहाल उस रास्ते को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। उस रास्ते पर तीर्थ यात्रियों को आवाजाही करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। लेकिन दूसरे रूट से यात्रा जारी है। बताया जाता है कि पुराने सांझीछत मार्ग से वैष्णो माता की यात्रा जारी है।

प्रशासन की तरफ से लगातार हो रही बारिश और भू-स्खलन की आशंकाओं के मद्देनजर सभी तीर्थ यात्रियों से यात्रा के दौरान सतर्क रहने और स्थिति को अच्छी तरह से समझने के बाद ही आगे बढ़ने की अपील की गयी है। बताया जाता है कि जिस रास्ते पर भू-स्खलन हुआ है, वहां मौजूद मलबे को अभी साफ किया जा रहा है।

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