हरियाणा के साइबर सिटी गुरुग्राम में गुरुवार देर शाम बड़ा हादसा हो गया। द्वारका एक्सप्रेस-वे स्थित सेक्टर-109 में छह मंजिला इमारत में एक निर्माणाधीन हिस्सा गिरने से दो मजदूरों की मौत हो गई और 5 से 6 लोगों के दबे होने की आशंका है।
गुरुग्राम के सेक्टर 109 स्थित चिंटल पैराडीसो नामक रिहायशी सोसायटी में हुए हादसे के राहत व बचाव कार्य जारी है। गुरुवार शाम लगभग छह बजे हुए हादसे के बाद से एनडीआरएफ़ तथा एसडीआरएफ की टीमें राहत व बचाव कार्य में लगी हुई है। कई लोगों के दबने की आशंका है। शुक्रवार की सुबह फिर से टीमें राहत व बचाव कार्य में जुट गई है।
मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की शाम द्वारका एक्सप्रेस वे के साथ लगते सेक्टर-109 स्थित चिंटल्स पैरोडिसो के डी-टॉवर में बड़ा हादसा हो गया। अचानक छठे फ्लोर के लीविंग रूम की छत गिरा। इसके बाद उतना ही हिस्सा पहले फ्लोर तक एक के बाद एक गिरता चला गया।
जिले के डीसी निशांत कुमार यादव इस पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि गुरुवार को दुर्घटना की सूचना मिलने पर तत्काल ज़िला प्रशासन के अधिकारी और सिविल डिफ़ेंस की टीम मौक़े पर पहुँची, एनडीआरएफ़ तथा एसडीआरएफ की टीमें भी बुलाई गई और राहत व बचाव कार्य शुरू किए गए।
प्रारम्भिक सूचना के अनुसार 18 मंज़िला बिल्डिंग में छठी मंज़िल पर बिल्डर द्वारा कोई मरम्मत का कार्य करवाया जा रहा था, उसी समय दो पिलरों के बीच में डाइनिंग रूम के हिस्से की छत छठी मंज़िल से गिरते हुए पहली मंज़िल तक आ पहुँची। यानी पहली मंज़िल से छठी मंज़िल तक डाइनिंग रूम ध्वस्त हो गए लेकिन पिलर ज्यों के त्यों रहे। इनमें केवल दो फ़्लोर पर ही परिवार रहते थे, बाक़ी फ़्लोर ख़ाली थे।
हादसे में दूसरी मंज़िल से एक महिला को मृत निकला गया है। देर रात तक पहली मंज़िल पर एक अरुण श्रीवास्तव नामक व्यक्ति और उनकी पत्नी फँसे थे, अरुण का पैर छत का लेंटर गिरने से उसके नीचे दब गया, जिसे सुरक्षित निकाला जा रहा है परंतु महिला की आवाज़ सुनाई नहीं दे रही है।
डीसी ने इस हादसे की जाँच एडीसी विश्राम कुमार मीणा को सौंपी है, जो सम्बंधित विभागों के अधिकारियों और सोसायटी के प्रतिनिधियों को भी जाँच में शामिल करेंगे। सोसायटी के निवासियों से भी डीसी ने बात की, उन्हें भरोसा दिलाया कि इस मामले में एफआईआर तो होगी ही, और भी कोई विषय आया तो उस पर भी गौर किया जाएगा। मौक़े पर बादशाहपुर के विधायक राकेश दौलताबाद भी पहुँचे, उन्होंने राहत व बचाव कार्य का जायज़ा लिया और सोसायटी के लोगों से बात कर उनकी हिम्मत बंधाई।
इस राहत व बचाव कार्य के दौरान एडीसी विश्राम कुमार मीणा, एसडीएम अंकिता चौधरी , डीटीपी आर एस बाट, नायब तहसीलदार सुशील कुमार , डीसीपी वेस्ट दीपक, एसीपी राजीव यादव, पी डब्लू डी के एक्सईएन नरेंद्र , चिकित्सकों की टीम, सिविल डिफ़ेंस से विंग कमांडर एसएन शर्मा व मोहित शर्मा भी उपस्थित रहे ।
मौक़े पर राहत व बचाव कार्य अभी भी जारी हैं। एनडीआरएफ़ तथा एसडीआरएफ व सिविल डिफ़ेंस की टीम राहत कार्यों में जुटी हुई है। शुक्रवार को सुबह 9 बजे तक अरुण श्रीवास्तव को पहली मंज़िल पर मलबे से सुरक्षित निकालने की जद्दोजहद की जा रही थी। एक महिला और पहली मंज़िल पर मलबे में फँसी हुई थी।

