मिली जानकारी के अनुसार, बी ब्लॉक निवासी कर्णवीर अनेजा जिनकी सेक्टर-8 में प्रिंटिंग प्रेस है। वह मां, पत्नी व तीन बेटियों के साथ रहते हैं। मंगलवार को कर्णवीर घर पर नहीं थे, मां व पत्नी डॉक्टर के पास गई थीं जिसकी वजह से घर में केवल 14, 12 व 10 वर्षीय तीन बेटियां और एक घरेलू सहायिका ही थी। घर का मुख्य दरवाजा खुला था। शाम के करीब साढ़े सात बजे हथियारबंद चार बदमाश मास्क लगाकर घर में घुसे और बच्चियों को गन प्वाइंट पर ले लिया। इसके बाद अंदर से कुंडी लगाकर दरवाजा बंद कर दिया। सहमी बच्चियों को बदमाशों ने फ्रिज से ठंडा पानी निकालकर पिलाया। फिर बदमाशों ने तीनों बच्चियों व घरेलू सहायिका को एक कमरे में बंदकर तीन लाख रुपये और लाखों की जूलरी लूट ली।
घर पर चल रहे पीजी में रहने वाली लड़की को जब घटना के बारे में पता लगा तो उसने पड़ोसियों को सूचना दी और कुछ देर के बाद घर के सभी सदस्य भी पहुंच गए। पुलिस की जांच में पता चला है कि घरेलू सहायिका कई सालों से घर में काम करती है और उस पर परिवार का पूरा भरोसा है।
बदमाशों को पकड़ने के लिए पुलिस ने पांच टीमें बनाई हैं। बताया जा रहा है कि पुलिस बदमाशों के करीब पहुंच गई है। एक दर्जन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। आज इस मामले का खुलासा हो सकता है। इसके लिए कमिश्नरेट पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
