रोहतक के दयानंद मठ स्थित चौ. लखीराम आर्य जगन्नाथ आश्रम से दो नाबालिग दीवार और तार फांदकर भाग निकले। उनमें से एक पंजाब का रहने वाला है तो दूसरा पश्चिम बंगाल का रहने वाला है। दोनों ही बच्चे रोहतक के रेलवे स्टेशन पर मिले थे, जिन्हें आश्रम में छोड़ा गया था।
आश्रम के मैनेजर संदीप कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आश्रम से रात को दो बच्चे बिना बताए भाग गए। उन्हें दोनों बच्चों को काफी तलाश किया, लेकिन कहीं पर भी कोई सुराग नहीं लग पाया। आखिरकार पुलिस को मामले की शिकायत दी गई। जिसके आधार पर मामला दर्ज करके बच्चों की तलाश आरंभ कर दी।
उन्होंने बताया कि लापता हुए दोनों बच्चों की उम्र 11 वर्ष है और उनमें से एक पश्चिम बंगाल के अलिपुर का रहने वाला है, वहीं दूसरा पंजाब के धुरी का। दोनों ही एक साथ आश्रम की दीवार फांदकर भाग गए। दोनों ने पहले भागने का प्लान बनाया और फिर इस घटना को अंजाम दिया गया।
मैनेजर संदीप ने बताया कि रात को सभी बच्चे खाना खा रहे थे। जिनमें दोनों बच्चे भी शामिल थे। अन्य बच्चे खाना खाने में लगे रहे, लेकिन ये दोनों बच्चे बाथरूम में गए। वहां से दीवार फांदी। हालांकि दीवार पर तारें भी लगाई हुई हैं, लेकिन तारों के ऊपर से भाग निकले। इसलिए अब दीवार ऊंची करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि दोनों ही बच्चे रेवले स्टेशन पर मिले थे। जिन्हें सीडब्ल्यूसी की टीम द्वारा आश्रम में छोड़ा गया था। जो पंजाब की धुरी का रहने वाला है। वह करीब दो माह पहले रेलवे स्टेशन पर मिला था। वहीं पश्चिम बंगाल का बच्चा दो दिन पहले रेलवे स्टेशन पर पाया गया था। इसके बाद से यहां रखे हुए थे।
मैनेजर संदीप ने बताया कि जब दोनों बच्चे मिले तो उनकी काउंसिलिंग करवाई गई थी। काउंसिलिंग के दौरान उन बच्चों का कहना था कि वे पहले भी कई दफा घर से भाग चुके हैं। वहीं घूमने के लिए घर से भाग जाते हैं। इसके बाद अब रात को मौका पाकर दोनों बच्चे आश्रम की दीवार फांदकर भाग गए।

