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हरियाणा में मदिरा प्रेमियों को लगेगा बड़ा झटका, सरकार बढ़ाएगी प्रदेश में शराब के दाम

हरियाणा प्रदेश में जल्द ही शराब प्रेमियों को बड़ा झटका लगने जा रहा है। प्रदेश सरकार प्रदेश में शराब के रेट बढ़ाने की तैयारी कर रही है। पाठकों को बता दें कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में 2025-26 की नई शराब नीति (New excise policy) को लेकर होने वाली राज्य मंत्रिमंडल की सोमवार को बैठक में शराब की रेट बढ़ने का बड़ा फैसला लिया जा सकता है। सोमवार को होने वाली प्रदेश के मंत्रिमंडल की बैठक में एक्साइज पॉलिसी के अलावा और भी कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। प्रदेश सरकार राज्य में नई शराब नीति (New excise policy) के तहत शराब के ठेकों की संख्या भी बढ़ा सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस दौरान हरियाणा प्रदेश की कैबिनेट मीटिंग में शराब के रेट बढ़ाने पर मोहर लगा सकती है।

हरियाणा प्रदेश में सरकार द्वारा सोमवार को नई आबकारी नीति 2025-26 को मंजूरी दी जा सकती है। नई आबकारी नीति (New excise policy) में हरियाणा सरकार करों के माध्यम से करीब 14 हजार करोड़ रुपये अर्जित करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु नई एक्साइज पॉलिसी (New excise policy) हरियाणा के तहत इसके शराब की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती है। 

हरियाणा प्रदेश में नई एक्साइज पॉलिसी (New excise policy) के तहत शराब के ठेकों की नीलामी खुली बोली के तहत की जाएगी। प्रदेश में वर्तमान में तकरीबन 2400 शराब के ठेके हैं। नई आबकारी नीति 2025-26 (New excise policy 2025-26) में ठेकों की संख्या भी 2400 के लगभग रखी जाएगी। प्रदेश सरकार राज्य में ठोकू की संख्या बढ़ाने की जगह शराब के रेट बढ़ाकर अधिक टैक्स वसूलने की तैयारी कर रही है। हरियाणा प्रदेश में अगर सरकार द्वारा शराब के रेट में बढ़ोतरी की जाती है तो करोड़ों शराब प्रेमियों को बड़ा झटका लग सकता है। 

हरियाणा प्रदेश सरकार आबकारी एवं कराधान विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार और भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए कई कदम उठाने जा रही है। न्यू एक्साइज पॉलिसी 2025-26 (New excise policy Haryana)  के तहत प्रदेश सरकार आबकारी और कराधान से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी भी कर रही है। इसके अलावा प्रदेश सरकार नई व्यवस्था में दो करोड़ रुपये से अधिक कर की मांग वाले मामलों में आबकारी एवं कराधान अधिकारियों के स्थान पर अब उप-आबकारी एवं कराधान अधिकारी को नोटिस जारी करने का अधिकार देने जा रही है।







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