येशू-येशू वाले ईसाई धर्मगुरु पादरी बजिंदर सिंह को रेप केस में उम्रकैद की सजा हो गई है। मोहाली कोर्ट ने उसे यह सजा सुनाई। जिसके बाद मोहाली कोर्ट के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
बजिंदर को कोर्ट ने 3 दिन पहले दोषी करार दिया था। जिसके बाद उसे पटियाला जेल में बंद कर दिया गया था। बजिंदर पर आरोप है कि वह विदेश में बसाने के बहाने महिला को अपने घर ले गया। जहां उसका रेप कर वीडियो बनाया। उसे धमकी भी दी कि अगर उसका विरोध किया तो वीडियो को सोशल मीडिया पर डाल देगा।
इस मामले में पीड़ित के वकील ने बताया कि कोर्ट ने कहा कि अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा। पीड़ित ने इस मामले में कोर्ट और पुलिस को शुक्रिया कहा।
यह सजा ऐसे टाइम पर हो रही है, जब बजिंदर सिंह एक और यौन उत्पीड़न और एक अन्य महिला से मारपीट के मामलों में फंसा हुआ है।
यह मामला 2018 में जीरकपुर पुलिस थाने में एक महिला द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बजिंदर सिंह ने उसे विदेश ले जाने का वादा करके बहकाया और मोहाली के सेक्टर 63 स्थित अपने आवास पर उसके साथ बलात्कार किया और उसका वीडियो भी बना लिया। उसने आरोप लगाया था कि आरोपी ने धमकी दी थी कि अगर वह उसकी मांगें नहीं मानेगी तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर देगा।
यह सजा ऐसे समय में दी गई है जब पादरी 28 फरवरी को दर्ज यौन उत्पीड़न के एक अन्य मामले में जांच का सामना कर रहा है। कपूरथला पुलिस ने 22 वर्षीय महिला की ओर से उसके खिलाफ लगाए गए उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। सिंह ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया था।
मोहाली पुलिस ने 25 मार्च को पादरी के खिलाफ मारपीट और अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया था। इससे कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर पादरी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर एक महिला से बहस कर रहा था और उसे थप्पड़ मार रहा था।
