सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के पीछे गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का ही हाथ था अब यह साफ हो गया है। पंजाब पुलिस ने बताया है कि लॉरेंस ने कबूल कर लिया है कि मूसेवाला की हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड वह ही था। पंजाब पुलिस के एडीजीपी प्रमोद बान ने बृहस्पतिवार को कहा कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ने स्वीकार किया है कि वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड था और पिछले अगस्त से इसकी योजना बना रहा था। प्रमोद बान ने गुरुवार को एक और गिरफ्तारी की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि मूसेवाला हत्याकांड के एक और आरोपी बलदेव उर्फ निक्कू को पकड़ा गया है। वह हरियाणा के सिरसा से है।
बता दें कि पंजाबी गीतकार शुभदीप सिंह सिद्धू, जिन्हें सिद्धू मूसेवाला के नाम से जाना जाता था, की पंजाब के मानसा जिले में 29 मई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी गाड़ी पर बदमाशों ने करीब 30 राउंड फायरिंग की थी, इससे एक दिन पहले पंजाब सरकार ने गायक और 423 लोगों के सुरक्षा कवर में कटौती की थी।
पुलिस अधिकारी प्रमोद बान ने कहा, हमने हाल ही में लॉरेंस बिश्नोई को इस मामले में गिरफ्तार किया था और उसका रिमांड 27 जून तक बढ़ा दिया गया था। मूसेवाला केस में फिलहाल लॉरेंस से पूछताछ जारी है उसने स्वीकार किया है कि वह (मूसेवाला की हत्या में) मास्टरमाइंड था। मानसा की एक अदालत ने गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में पूछताछ के लिए पिछले सप्ताह दिल्ली से पंजाब पुलिस द्वारा लाए गए गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का पुलिस रिमांड बढ़ा दिया था।
एडीजीपी ने कहा, ‘‘हत्या को अंजाम देने की साजिश पिछले साल अगस्त से रची जा रही थी। हमारी जानकारी के मुताबिक, तीन बार रेकी की गई थी। जनवरी में भी शूटर का एक अलग समूह मूसेवाला को मारने आया था, लेकिन सफल नहीं हुआ।’’ उन्होंने यह भी कहा कि मूसेवाला की हत्या में इस्तेमाल किए गए वाहन में फतेहाबाद स्थित एक पेट्रोल पंप की 25 मई की एक रसीद मिली थी, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने कड़ियों को जोड़ा।
प्रमोद बान के मुताबिक, फतेहाबाद पेट्रोल पंप से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज से आरोपी प्रियव्रत उर्फ फौजी की पहचान की। पुलिस ने मूसेवाला मर्डर केस में अबतक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। सहयोगी, हथियार देने वाले, आर्थिक मददगार सबको जोड़ा जाए तो अबतक 18 गिरफ्तारी हुई हैं। फिलहाल पूरी साजिश से पर्दा उठा लिया गया है। बान ने यह भी बताया कि लॉरेंस ने माना है कि दिल्ली की तिहाड़ जेल में उसके पास मोबाइल फोन था, जिससे वह अपने गुर्गों के संपर्क में रहता था।
दिल्ली पुलिस ने मामले में दो शूटर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों ने सोमवार को कहा था कि उनमें से एक घटना के समय कनाडा में रह रहे गैंगस्टर गोल्डी बरार के संपर्क में था। क्या दिल्ली पुलिस को जो हथियार मिले उनसे मूसेवाला को मारा गया था? इस सवाल पर बान ने कहा कि अभी फॉरेंसिक की रिपोर्ट का इंतजार है। उसके बाद ही कुछ साफ होगा।
बताया गया कि हत्या की साजिश की तैयारी के लिए लॉरेंस का भाई अनमोल बिश्नोई और उसका साथी सचिन तापन फर्जी पासपोर्ट पर विदेश भी गये थे। फिर दोनों लॉरेंस की मदद से विदेश में ही सेटल हो गये और वहीं से ऑपरेट करने लगे। फर्जी पासपोर्ट के मामले में एक अलग एफआईआर दर्ज हुई है।

