झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) तथा झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की नियुक्ति परीक्षाओं में अनियमितता के खिलाफ छात्रों के आंदोलन का आज 17वां दिन है।
छात्रों और सरकार के डेलीगेशन के बीच रविवार को तीसरे दौर की वार्ता भी बेनतीजा रही। वार्ता के दौरान छात्रों की दो बड़ी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके कारण आज छात्र विधानसभा घेराव कर रहे हैं
परीक्षा में गड़बड़ियों के विरोध में हज़ारों नौकरी के उम्मीदवार सोमवार को झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करते हुए बैरिकेड्स तोड़ते हुए आगे बढ़े और उन्हें वॉटर कैनन का सामना करना पड़ा।
छात्रों के विधानसभा मार्च के बीच CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए JPSC के पूर्व चेयरमैन एल खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है। CID ने उन्हें आवास से गिरफ्तार किया और सीआइडी थाना ले गई। शाम को न्यायालय में पेश किया जाएगा
पुलिस ने कहा कि छात्रों से बात चल रही है। वह कुछ देर के लिए रुकने को राजी हो गए हैं। पुलिस ने कहा जब प्रदर्शनकारियों ने आखिरी बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, तब लाठी चार्ज किया गया।
पुलिस ने अंतिम बैरिकेडिंग तोड़ रहे छात्रों को रोकने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। वहीं छात्रों ने जूते-चप्पल फेंके। वहीं, पथराव में एक पुलिसकर्मी के सिर पर चोट लग गई।
छात्रों के भविष्य और उनके अधिकारों की आवाज बुलंद करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर जेपीएससी- जेएसएससी महाघोटाले की जांच सीबीआइ से कराने की मांग की। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया है।
झारखंड के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। युवाओं के हक और न्याय की इस लड़ाई में भाजपा पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ी है। न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा।
विधानसभा के सामने वाले बैरिकेडिंग के पास जेएककेएम के विधायक जयराम कुमार महतो ने कहा कि छात्रों की आवाज दबने नहीं दी जाएगी। छात्रों की आवाज को वह विधानसभा में उठाएंगे।
‘विधानसभा घेराव’ मार्च के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, “जब सरकार ने नुकीले बैरिकेड लगाए, तो तबीयत ठीक न होने के बावजूद मैं खुद को रोक नहीं पाया। क्या यह पाकिस्तान, बांग्लादेश या चीन का बॉर्डर है? ये छात्र हैं।”
