सिंघु बॉर्डर पर मारे गए लखवीर सिंह की बॉडी शनिवार शाम 6.40 बजे तरनतारन जिले में उनके गांव चीमा पहुंची। बॉडी जिस एंबुलेंस में लाई गई, उसे सीधे गांव के श्मशान घाट ले जाया गया। बॉडी पहुंचने से पहले ही श्मशान घाट में चितास्थल पर लकड़ियां सजा दी गई थीं।
पुलिस ने उसकी पत्नी जसप्रीत कौर, बहन राज कौर और दूसरे रिश्तेदारों को श्मशान घाट बुला लिया। बॉडी एंबुलेंस से उतारकर सीधे चिता पर रखी गई। अंतिम संस्कार के दौरान कोई अरदास नहीं की गई। पॉलीथिन में बंद लखबीर सिंह का चेहरा भी उनके परिवार के सदस्यों को नहीं दिखाया गया।पोस्टमार्टम के बाद जिस पॉलीथिन में बॉडी लपेटी जाती है, उसे चिता के साथ नहीं जलाया जाता। लेकिन लखबीर की बॉडी से यह पॉलीथिन भी नहीं उतारी गई।
पत्नी जसप्रीत कौर ने कई बार कोशिश की, लेकिन उसे पति का चेहरा नहीं दिखाया गया।चिता की लकड़ियां आग जल्दी पकड़ लें, इसके लिए चिता पर घी की जगह डीजल डाला गया। बॉडी श्मशान घाट लाए जाने के बाद महज 10 मिनट के अंदर चिता को अग्नि दे दी गई।

