हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव समसपुर निवासी वीर सपूत मनोज फोगाट ने देश की सेवा करते हुए पंजाब बॉर्डर पर अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। लांसनायक मनोज फोगाट की शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और घर पर लोगों का तांता लग गया। मनोज के 8 साल की बेटी व 6 साल का बेटा है।
मनोज फोगाट ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हरियाणा के गांव कान्हड़ा में अपने मामा के घर रहकर पूरी की थी। पढ़ाई के बाद उन्होंने कठिन मेहनत से सेना में जगह बनाई और बीते कई वर्षों से देश की सेवा में समर्पित रहे। उनके परिवार के लिए यह दूसरा बड़ा आघात है। करीब सात साल पहले उनके पिता का निधन हार्ट अटैक से हो गया था। अब मनोज की शहादत ने पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है
करीब 34 वर्षीय मनोज फोगाट की तैनाती tपंजाब के कपूरथला में ग्रेनेडियर मैकेनिक पद पर थी। मनोज फोगाट ने साल 2011 में भारतीय सेना ज्वाइन की थी। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान गोली लगने से वे शहीद हो गए।
हरियाणा के चरखी दादरी में शहीद लांसनायक मनोज फोगाट को अंतिम विदाई दी गई। पैतृक गांव समसपुर में शनिवार सुबह उनका सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके 5 साल के बेटे प्रिंस ने सैल्यूट कर पिता को मुखाग्नि दी।
