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हरियाणा के शहीद लेफ्टिनेंट को अंतिम विदाई:रेवाड़ी में एयरफोर्स जवानों ने उनकी मां को अपनी टोपी पहनाई; 10 दिन पहले सगाई की थी

हरियाणा में रेवाड़ी के शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव को थोड़ी देर में अंतिम विदाई दी जाएगी। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे उनका पार्थिव शरीर रेवाड़ी पहुंचा। सबसे पहले पार्थिव शरीर को सेक्टर 18 में स्थित घर में लाया गया। जहां परिवार के सदस्यों ने अंतिम दर्शन किए।

इस दौरान पार्थिव शरीर के साथ आए एयरफोर्स के ऑफिसर ने अपनी टोपी उतारकर सिद्धार्थ की मां को पहनाई। अब पार्थिव शरीर को पैतृक गांव भालखी माजरा में ले जाया जा रहा है। जहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

इस मौके एयरफोर्स की टुकड़ी उन्हें सलामी भी देगी। शहीद को उनके पिता सुशील यादव मुखाग्नि देंगे। अंतिम यात्रा में पूर्व मंत्री बनवारी लाल और SDM सुरेंद्र पहुंचे हैं।

रेवाड़ी के रहने वाले जगुआर पायलट सिद्धार्थ यादव गुजरात के जामनगर में शहीद हो गए. रेवाड़ी से चार दिन पहले ही वो अपनी ड्यूटी से लौटे थे. शहीद सिद्धार्थ परिवार के इकलौते बेटा थे. 28 साल के सिद्धार्थ की 23 मार्च को ही सगाई हुई थी. 31 मार्च को वह रेवाड़ी से छुट्टी पूरी कर जामनगर एयर फोर्स स्टेशन पहुंचे थे. आखिरी वक्त में भी सिद्धार्थ ने अपने साथी को बचाया.

शहीद सिद्धार्थ ने साल 2016 में एनडीए की परीक्षा पास की. इसके बाद 3 साल का प्रशिक्षण लेकर उन्होंने बतौर फाइटर पायलट वायु सेना ज्वाइन की थी. उन्हें 2 साल बाद प्रमोशन मिला, जिससे वह फ्लाइट लेफ्टिनेंट बन गए थे.

शहीद सिद्धार्थ यादव के पिता सुशील यादव मूल रूप से रेवाड़ी के गांव भालकी माजरा के रहने वाले हैं. वह लंबे समय से रेवाड़ी के सेक्टर 18 में मकान बनाकर रह रहे हैं. बेटे की शादी से पहले उन्होंने सेक्टर 18 में अपना मकान भी बनाया है. इसी घर पर बेटे की शादी होनी थी. सिद्धार्थ की एक बहन भी है. सिद्धार्थ की मौत की खबर सुनकर पूरे परिवार में मातम का माहौल है.

दरअसल, बुधवार रात करीब 9:30 बजे एयरफोर्स का जगुआर फाइटर क्रश हो गया. प्लेन ने जामनगर एयरपोर्ट स्टेशन से उड़ान भरी थी. इस हादसे में सिद्धार्थ यादव की मौत हो गई, जबकि उसका साथी मनोज कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया.

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