सिंघु बॉर्डर पर हुई लखबीर सिंह की निर्मम हत्या के मामले में निहंग बाबा अमन सिंह पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। पुलिस बाबा को जांच में शामिल होने के लिए कई नोटिस थमा चुकी है। बाबा ने गिरफ्तारी को देखते हुए सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई, लेकिन कोर्ट ने पुलिस का पक्ष जानकर बाबा को कोई भी राहत नहीं दी। पुलिस अब बाबा की गिरफ्तारी की तैयारी में है।

तरनतारन के गांव चीमा खुर्द निवासी लखबीर सिंह की गुरु साहिब की बेअदबी के आरोप में 15 अक्टूबर को दशहरे के दिन बड़ी निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। पुलिस इस मामले में अब तक चार आरोपियों सरबजीत सिंह, नारायण सिंह, भगवंत सिंह और गोविंद प्रीत को आत्मसमर्पण के बाद गिरफ्तार कर चुकी है। हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की भी बरामद हो चुकी है। चारों फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में हैं।

लखबीर हत्याकांड की जांच में गठित SIT पहले ही बता चुकी है कि मामले में कुछ और का नाम सामने आए हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने निहंग बाबा अमन सिंह को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया था। दीपावली से लेकर अब तक पुलिस अमन सिंह को 3 नोटिस भेज चुकी है, लेकिन पुलिस के सामने हाजिर नहीं हुए।अब पुलिस ने उस पर शिकंजा कसना शुरू किया तो बाबा अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट पहुंच गए। बाबा अमन सिंह ने पिछले सप्ताह हत्याकांड में अपनी गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए सोनीपत सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका लगाई थी। इस पर कोर्ट ने पुलिस को नोटिस जारी जवाब मांगा था।

लखबीर सिंह की हत्या के मामले में आत्मसमर्पण करने वाले निहंग नारायण सिंह, सरबजीत सिंह हत्या के आरोप स्वीकार कर चुके हैं। वह कोर्ट में बयान दे चुके हैं कि लखबीर की हत्या उन्होंने की है। हत्याकांड की जांच में लगी SIT को कुछ ऐसे सबूत मिले हैं, जिसमें निहंग बाबा अमन सिंह की सीधी भागीदारी दिखाई पड़ती है। सेशन कोर्ट में पुलिस की ओर से बताया गया है कि अमन सिंह हत्या की वारदात में शामिल रहा है।

पुलिस उससे पूछताछ करना चाहती है लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहा है। डीएसपी विरेंद्र सिंह की टीम ने बाबा की अग्रिम जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सेशन कोर्ट ने अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया है।सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद निहंग बाबा अमन सिंह के पास दो रास्ते बचे हैं। या तो वह आत्मसमर्पण कर पुलिस जांच में शामिल हो या फिर जमानत के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट का रुख करे। आत्मसमर्पण से वह पहले ही इनकार कर चुका है।

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