लगातार बढ़ रही महंगाई ने रावण, कुम्भकरण और मेघनाथ पर भी दिखाया अपना असर कहीं खा गयी कुम्भकरण और मेघनाथ को तो कहीं रावण का कद छोटा रह गया। इस वर्ष मानो कुम्भकार और मेघनाथ को लक्ष्मण और राम ने नहीं महंगाई ने मारा हो। अब तो महंगाई का असर त्योहारों पर भी दिखना शुरू हो गया है। हर साल मनाए जाने वाले दशहरे पर भी इसका सीधा असर हुआ है। इस बार दशहरे पर ज्यादातर आयोजकों ने तीन पुतलों की बजाय सिर्फ एक रावण के पुतले का ही दहन करने का फैंसला लिया है। बाकि कुंभकर्ण और मेघनाथ को महंगाई ने ही मार डाला है। रावण का पुतला भी इस बार बीते सालों की अपेक्षा कद में छोटा ही दिखाई देगा। महंगाई के कारण इस बार कारीगरों को भी कम आर्डर मिल पाए हैं जिनके कारण उनकी आर्थिक हालत भी बिगड़ गई है।
इस बार कई जगह कुम्भकर्ण और मेघनाथ को राम लक्ष्मण ने नहीं बल्कि महंगाई ने मारा। और रावण बेचारा रह गया कद में छोटा।

