अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा ने कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटा दिया है। इस पर अखिल भारतीय बिश्नोई सभा प्रधान ने कहा कि आपके बेटे ने अंतरजातीय विवाह किया। जिसके कारण सम्पूर्ण बिश्नोई समाज में भारी रोष व्याप्त है। ऐसी स्थिति में आप इस पद पर नहीं रह सकते। ऐसी स्थिति में आपको अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक पद से मुक्त किया जाता है।

इससे पहले अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक रहते हुए कुलदीप बिश्नोई ने भी अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए वर्तमान प्रधान देवेंद्र बुढ़िया को राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटा दिया था और उनके स्थान पर परसराम बिश्नोई को नया प्रधान घोषित किया था।

वहीं देवेंद्र बुढ़िया ने कुलदीप के द्वारा लेटर जारी करने के बाद फेसबुक पर लाइव आकर कहा कि संरक्षक को प्रधान को हटाने की पावर अब खत्म हो गई है। नियमानुसार अब कुलदीप बिश्नोई के इस लेटर का कोई मतलब नहीं है। आज मुकाम धाम में विधायक रणधीर पनिहार और कुलदीप बिश्नोई दोनों पर निर्णय लिया जाएगा।

बता दें इससे पहले देवेंद्र बुढ़िया ने कुलदीप बिश्नोई पर विधानसभा चुनाव में बेटे के चुनाव पर 10 करोड़ रुपए का चंदा एकत्रित करने और अपने दोस्त एमएलए रणधीर पनिहार से किडनैप करवाने, अपना यशोगान करवाने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। देवेंद्र बुढ़िया ने जोधपुर में बिश्नोई समाज के लोगों के बीच यह बातें रखी थी

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