हिसार की गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम के दौरान पोस्टर से तस्वीर हटाए जाने के विवाद पर भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। राजस्थान के जोधपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दिन मुख्यमंत्री करीब तीन घंटे देरी से पहुंचे थे, जबकि उन्हें दिल्ली में पहले से तय एक जरूरी कार्यक्रम में शामिल होना था।
कुलदीप बिश्नोई ने कहा, “मेरे पास समय कम था, इसलिए मुझे वहां से जल्दी निकलना पड़ा। मैंने मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी देकर उनसे माफी भी मांग ली थी।”
उन्होंने बताया कि हिसार से दिल्ली पहुंचने में करीब तीन घंटे लगते हैं। मुख्यमंत्री के विलंब से आने के कारण उनके लिए कार्यक्रम में रुकना संभव नहीं था।
इस दौरान कुलदीप बिश्नोई ने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल को भी याद किया। उन्होंने कहा कि भजनलाल ने गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी की स्थापना सभी 36 बिरादरियों को जोड़ने और शिक्षा को बढ़ावा देने की सोच के साथ की थी। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी परिसर में गुरु जम्भेश्वर भगवान और माता अमृता देवी की प्रतिमाएं स्थापित कराने का उद्देश्य नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा की प्रेरणा देना है।
क्या था पोस्टर विवाद?
12 जुलाई को हिसार स्थित GJU में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी नर्सिंग ब्लॉक और गर्ल्स हॉस्टल की नई इमारत का शिलान्यास करने पहुंचे थे। कार्यक्रम से पहले मंच पर लगाए गए पोस्टर में कुलदीप बिश्नोई की तस्वीर मौजूद थी, लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया। समर्थकों से इसकी जानकारी मिलने पर कुलदीप बिश्नोई नाराज होकर ऑडिटोरियम में प्रवेश किए बिना ही लौट गए थे। उनकी मंच पर लगी कुर्सी पर बाद में उनके चचेरे भाई दुड़ाराम बैठे।
रणधीर पनिहार भी हुए थे नाराज
इसी कार्यक्रम में नलवा विधायक रणधीर सिंह पनिहार का सम्मान भी छूट गया था। मंच पर अन्य जनप्रतिनिधियों को पटका और स्मृति चिह्न दिए गए, लेकिन पनिहार का नाम नहीं पुकारा गया। बाद में गलती का एहसास होने पर कुलपति उन्हें सम्मानित करने पहुंचे, लेकिन विधायक ने पटका खुद लेकर अपने पास रख लिया। इस दौरान उनकी नाराजगी भी साफ दिखाई दी।
पहले भी भजनलाल को लेकर हुआ था विवाद
इससे पहले अप्रैल 2025 में नगर निगम चुनाव प्रचार के दौरान राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल पर की गई टिप्पणी भी विवादों में रही थी। उस मामले में रेखा शर्मा ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी थी, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी कुलदीप बिश्नोई से मिलने उनके आवास पहुंचे थे।

