सावन कृपाल रूहानी मिशन की गोहाना रोड़ पर स्थित रोहतक शाखा कृपाल आश्रम की ओर से 30 मई, 2024 को दयाल पुरुष संत दर्शन सिंह जी महाराज के 35वें बरसी भंडारे के अवसर पर आश्रम के सामने ही सुबह 9 बजे से गर्मी की इस तपती और चिलचिलाती धूप में लोगां की सेवा में ठंडे व मीठे पानी की छबील लगाई गई।

हम सभी जानते हैं कि पानी का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है और गर्मी के इस मौसम में इसकी ज़रूरत और ज़्यादा बढ़ जाती है क्योंकि तेज धूप और लू हमारे शरीर से सारी ऊर्जा को छीन लेती है। ऐसे में केवल पानी ही हमारे शरीर को जरूरी ऊर्जा प्रदान करता है। इसलिए कहा जाता है कि ”जल ही जीवन है।“ पानी की इसी उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए सावन कृपाल रूहानी मिशन की रोहतक शाखा ने गोहाना रोड़ पर स्थित कृपाल आश्रम के सामने लोगां की सेवा में ठंडे और मीठे पानी की छबील लगाई, जिससे कि सैकड़ों लोगों ने पानी पीकर गर्मी से राहत महसूस की। इसके अलावा मिशन द्वारा पूरे भारतवर्ष के अनेक राज्यों में प्रमुख स्थानों पर और दिल्ली में 115 मुख्य जगहों पर भी ठंडे व मीठे पानी की छबीलें लगाई गईं।
संत दर्शन सिंह जी महाराज ने हजूर बाबा सावन सिंह जी महाराज और परम संत कृपाल सिंह जी महाराज के नाम पर ”सावन कृपाल रूहानी मिशन“ की स्थापना सन् 1974 में की। संत दर्शन सिंह जी महाराज ने संत-मत की पुरातन तालीम को एक सरल और सहज तरीके से पेश कर लाखों लोगों को पिता-परमेश्वर का अनुभव कराया।

संत दर्शन सिंह जी महाराज को उर्दू और फारसी की अपनी ग़ज़लों के कारण भारत के एक महान सूफी-संत शायर के रूप में जाना जाता है। उनको उनके काव्य-संग्रहों के लिए दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश की उर्दू अकादमियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।

दयाल पुरुष संत दर्शन सिंह जी महाराज के 30 मई, 1989 को महासमाधि में लीन होने के पश्चात उनके रूहानी कार्यभार को संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने संभाला और आज वे उनके द्वारा दी गई संत-मत की शिक्षाओं को संपूर्ण विश्वभर में फैला रहे हैं।

संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के सान्निध्य में कार्यरत सावन कृपाल रूहानी मिशन द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविर, मुफ्त मोतियाबिन्द ऑपरेशन शिविर और मुफ्त स्वास्थ्य जाँंच शिविरों का भी आयोजन किया जाता है तथा शारीरिक रूप से विकलांग भाई-बहनों को सहायतार्थ उपकरण भी वितरित किये जाते हैं। इसके अलावा मिशन की पूरे भारतवर्ष में फैली अनेक शाखाओं में ऐलोपैथिक, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी भी खोली गईं हैं, जिनमें सभी मरीजों का ईलाज मुफ्त किया जाता है।

