मनीषा की मौत के मामले में विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और हरियाणा सरकार इस विषय पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
खट्टर ने कहा कि घटना की जांच पुलिस द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ रही है। परिवार की संतुष्टि के लिए पहले पोस्टमॉर्टम कराया गया, फिर दोबारा करवाया गया। अब जब परिवार ने एम्स में तीसरी बार पोस्टमॉर्टम की मांग रखी, तो सरकार इसके लिए भी तैयार हो गई है।
खट्टर ने कहा कि हरियाणा पुलिस जांच अच्छे तरीके से कर रही थी और कुछ सबूत भी मिले हैं, लेकिन परिवार की मांग पर सरकार सीबीआई या किसी भी बड़ी एजेंसी से जांच कराने को तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “कल्प्रिट निकलेगा तो लोकल निकलेगा”, इसमें सरकार, सरकारी पक्ष या पार्टी का कोई रोल नहीं है।
मनीषा की मौत के मामले में विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद घटना है और हरियाणा सरकार इस विषय पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
खट्टर ने कहा कि घटना की जांच पुलिस द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ रही है। परिवार की संतुष्टि के लिए पहले पोस्टमॉर्टम कराया गया, फिर दोबारा करवाया गया। अब जब परिवार ने एम्स में तीसरी बार पोस्टमॉर्टम की मांग रखी, तो सरकार इसके लिए भी तैयार हो गई है।
कल्प्रिट निकलेगा तो लोकल निकलेगा खट्टर ने कहा कि हरियाणा पुलिस जांच अच्छे तरीके से कर रही थी और कुछ सबूत भी मिले हैं, लेकिन परिवार की मांग पर सरकार सीबीआई या किसी भी बड़ी एजेंसी से जांच कराने को तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि “कल्प्रिट निकलेगा तो लोकल निकलेगा”, इसमें सरकार, सरकारी पक्ष या पार्टी का कोई रोल नहीं है।
खट्टर ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे सख्त से सख्त सजा मिलेगी और यही सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। वहीं विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि वह केवल इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है। भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी मनीषा की मौत के बाद 3 बार पोस्टमॉर्टम करवाए गए। पहली बार भिवानी के जिला अस्पताल में चिकित्सकों के बोर्ड ने मेडिकल किया। वहीं इसके बाद रोहतक पीजीआई के डॉक्टरों द्वारा मेडिकल किया गया। इसके अलावा दिल्ली एम्स से तीसरी बार पोस्टमॉर्टम करवाया गया। लेकिन मनीषा की मौत पर लोगों और परिवार को संशय अभी भी बना हुआ है।
वहीं मनीषा के भाई ने हापुड़ जिले गढ़मुक्तेश्वर (गढ़ गंगा) जाकर उसकी अस्थियों को गंगा में प्रवाहित कर दिया है। सोमवार (25 अगस्त) को मनीषा को श्रद्धांजलि देने के लिए शोकसभा आयोजित की जाएगी।
पुलिस द्वारा जांच के बाद कहा गया कि मनीषा ने आत्महत्या की है। लेकिन परिवार और लोगों को यह बात हजम नहीं हुई। इसलिए उन्होंने सीबीआई से जांच की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मांग मानते हुए जांच सीबीआई से करवाने का आश्वासन दिया।
इधर, डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने भिवानी में पत्रकार वार्ता करते हुए कहा था कि मनीषा की मौत मामले की अब जांच सीबीआई द्वारा ही की जाएगी। पुलिस जांच अब बंद हो गई है। जो भी कागजी कार्रवाई है, उसमें पुलिस लगी हुई है।
इसी बीच पुलिस ने इस पूरे मामले को सुसाइड बताया। साथ ही सुसाइड नोट जारी करते हुए जगर निगलकर आत्महत्या की बात कही। इसके बाद परिवार व लोगों को यह बात हजम नहीं हुई। इसलिए विरोध प्रदर्शन जारी रहा। 20 अगस्त को सीबीआई जांच और एम्स से मनीषा का पोस्टमॉर्टम करवाने की मांग पूरी होने के बाद अंतिम संस्कार के बाद राजी हुए।
