रोहतक पुलिस पर 4 युवकों ने प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। युवकों का कहना है कि उनको पुलिस थाने में बुरी तरह से पीटा। उनसे थाने में साफ-सफाई करवाई और रुपए भी छीन लिए। पुलिस ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि उल्टा युवकों ने डायल 112 पर झूठी सूचना देकर गुमराह किया था।

उत्तर प्रदेश के जिला अलीगढ़ निवासी हरिओम ने बताया कि वह हलवाई का काम करता है और रोहतक की झज्जर चुंगी पर रहता है। उसके साथ विजय, सोनू व अनिल रहते हैं। उनका मोबाइल फोन गुम हो गया था, इसके बाद उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को दी।

हालांकि उनका मोबाइल फोन उनके दूसरे कमरे में मिल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबह उन्हें पुलिस वाले उठा ले गए और शिवाजी कॉलोनी थाने में ले जाकर मारपीट की।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस वालों ने उनके करीब 1800 रुपए छीन लिए और रोहतक छोड़ने के लिए कहा। उनसे जबरन माफीनामा लिखवाया। इस दौरान ASI अनिल ने उनसे बदतमीजी की। हरिओम ने आरोप लगाया कि उन्हें मंगलवार को काम पर जाना था, जब इसके लिए पुलिस वाले से कहा तो उसने नहीं छोड़ा। बुरी तरह पीटकर बाद में छोड़ा।

शिवाजी कॉलोनी थाने के ASI अनिल ने बताया कि चारों युवकों द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। इन्होंने रात को शराब के नशे में डायल 112 पर कॉल किया और कहा कि उनका मोबाइल फोन व कैश चोरी हो गया। जिसके बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची तो चारों युवक शराब के नशे में थे। पूछताछ की तो सामने आया कि उनके कोई रुपए चोरी नहीं हुए थे और ना ही मोबाइल फोन चोरी हुआ था। पुलिस को झूठी सूचना देकर तंग करने का केस भी बिना दर्ज किए मानवता के नाते छोड़ दिया।

शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी प्रदीप ने बताया कि जो आरोप लगा रहे हैं, वे झूठे हैं। इन्होंने आपस में लड़ाई-झगड़ा किया है। इन चारों में से एक युवक ने मारपीट करने व मोबाइल फोन छीनने की शिकायत दी थी।

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