रोहतक में एक P/SI द्वारा CM विंडो द्वारा प्राप्त शिकायत पर फर्जी हस्ताक्षर कर शिकायत के निपटारा करने का मामला सामने आया है।
दरअसल रोहतक निवासी आशीष जैन ने दी शिकायत में बताया कि उसने दिनांक 15.09.2023 को योगेश कपूर निवासी रोहतक के खिलाफ धोखा धड़ी करने बारे एक शिकायत सी.एम. विन्डो रोहतक पर दी थी। जिस के चलते उसे ओल्ड सब्जी मन्डी थाना में बुलाया गया जहाँ पर योगेश कपूर अपने साथ वकील व अन्य व्यक्तिगण के साथ पहले से मौजूद था। जिसके बाद थाने के पुलिस कर्मी श्याम सुन्दर द्वारा आशीष पर दरखास्त वापिस लेने का दबाव बनाया गया और बताया गया कि वह ही गलत है और थाना प्रभारी महोदय ने भी उन सब का साथ दिया, जिसके बाद जबरदस्ती कोरे कागजों पर आशीष से दरखास्त लिखवा उस पर के साईन करवा लिए गए कि वह इस दरखास्त पर कोई कार्यवाही नहीं चाहता।
जिसके बाद आशीष ने फिर दरखास्त 28.09.2023 को सी.एम. विन्डो रोहतक में दी। आरोप है जिस पर कार्यवाही करते हुये पुलिस कर्मी श्याम सुन्दर ने आशीष के फर्जी साईन करते हुये शिकायत को बन्द कर दिया और लिख दिया कि मैं उक्त दरखास्त पर कोई कार्यवाही नही चाहता और मैं पुलिस कार्यवाही से संतुष्ट हूँ।
जिसके बाद आशीष ने फिर श्याम सुन्दर के खिलाफ फर्जी हस्ताक्षर करने व फर्जी कागजात बानाने के लिए 20.12.2023 को सी.एम. विन्डो पर दरखास्त दी जो कि रवि डी.एस.पी. को सौंपी गई, जिसके बाद डी.एस.पी द्वारा फोन पर आशीष को बताया गया कि वे दरखास्त पर कार्यवाही कर रहे है और हस्ताक्षर को हस्ताक्षर एक्सपर्ट से मैच करवाएंगे। आरोप है कि जिसके बाद दिनांक 06.02.2024 को डी.एस.पी. द्वारा सी एम विन्डो की साईट पर बिना काई कार्यवाही किये एक रिपोर्ट पेश की गई जो कि पूरी तरह से गलत है।
आशीष ने पुलिस कर्मी श्याम सुन्दर पर आरोप लगाते हुए बताया कि उनके सोशल मीडिया से दोस्तों को मैसेज कर उस पर राजीनामा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही पिछले सप्ताह मेडिकल मोड़ पर उसे कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा राजीनामा न करने की स्थिति में नतीजा भुगतने को तैयार रहने की धमकी भी दी गई जिस वजह से वह मानसिक व शारिरीक से परेशान है।
आपको बता दें यह मामला अब कोर्ट तक पहुँच चूका है तथा जज द्वारा SHO ओल्ड सब्जी मंडी थाना से उक्त विषय पर रिपोर्ट मांगी गई है और मामला अब कोर्ट में लंबित है।
तो वहीं जब हमारी टीम ने पुलिस कर्मी श्याम सुन्दर से बात की तो उसने उस पर लगे सभी आरोपों को नकारते हुए आशीष द्वारा पुलिस पर फर्जी आरोप लगाने की बात कही। श्याम सुन्दर ने बताया कि उसने कोई फर्जी हस्ताक्षर नहीं किये हैं और योगेश व आशीष का कुछ पैसे का लेनदेन था जो पहले से ही कोर्ट में विचाराधीन है ऐसे में पुलिस मामले में कुछ नहीं कर सकती अतः उस पर लगाए गए सभी आरोप निराधार है।

