उत्तराखंड में वर्षा व भूस्खलन ने परेशानी बढ़ा दी है। मलबा और बोल्डर आने से हाईवे और संपर्क मार्ग बाधित हो गए हैं। अलकनंदा और मंदाकिनी नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं।
दो दिन से स्थगित चारधाम यात्रा गुरुवार को शुरू तो हुई लेकिन वर्षा ने यात्रियों की राह फिर रोक दी। केदारनाथ पैदल मार्ग व सोनप्रयाग-गौरीकुंड के बीच हाईवे पर कई जगह भूस्खलन और भारी मलबा आने के कारण प्रशासन ने लगभग दो हजार यात्रियों को सुरक्षित पड़ावों पर रोक दिया है।
शुक्रवार को मौसम अनुकूल रहने पर यात्रियों को धाम भेजा जाएगा। यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन से कांवड़ व तीर्थयात्रियों को रोका गया है। पिथौरागढ़ में कैलास यात्रा मार्ग भूस्खलन से आठ घंटे बाधित रहा।
मौसम विभाग ने शुक्रवार को पौड़ी, देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया है। चमोली के दशोली ब्लॉक का डुंग्री कौज-पोथनी बेलीधार मोटर मार्ग एक सप्ताह से बंद है।
केदारनाथ पैदल मार्ग पर छौड़ी, जंगलचट्टी और चीरबासा के समीप मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही रोकी गई है। बुधवार को 32 घंटे बाद खुला यमुनोत्री हाईवे गुरुवार तड़के फिर बाधित हो गया, जिसे दोपहर बाद बहाल किया जा सका।
