यमुनानगर जिले के रादौर क्षेत्र के गांव नाचरौन में गुग्गा माड़ी के पास कांवड़ियों के लिए लगाए गए शिविर में ठहरे एक कांवड़िये की मंगलवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव तंगौर, तहसील शाहाबाद, जिला कुरुक्षेत्र निवासी गुरमीत सिंह (37) के रूप में हुई है।
गुरमीत अपने साथी धर्मपाल के साथ बाइक पर हरिद्वार से कांवड़ लेकर वापस लौट रहा था। देर रात दोनों नाचरौन के पास लगे कांवड़ शिविर में आराम करने के लिए रुक गए थे। सुबह साथी ने गुरमीत को जगाने का प्रयास किया, लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
धर्मपाल ने बताया कि गुरमीत सिंह और वह बाइक से हरिद्वार कांवड़ लेने गए थे। कांवड़ लेकर दोनों रात को वापस लौट रहे थे। देर होने पर उन्होंने नाचरौन स्थित गुग्गा माड़ी के पास कांवड़ियों के लिए बनाए गए शिविर में रुकने का फैसला किया।
दोनों रात में शिविर में सो गए। सुबह करीब छह बजे उसकी नींद खुली तो उसने गुरमीत को उठाने का प्रयास किया। कई बार आवाज देने और जगाने के बावजूद गुरमीत नहीं उठा। जब उसने पास जाकर देखा तो गुरमीत का शरीर ठंडा पड़ा हुआ था। इसके बाद उसने शिविर में मौजूद अन्य कांवड़ियों को इसकी जानकारी दी।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कांवड़ियों ने नाचरौन के सरपंच को सूचना दी। सरपंच मौके पर पहुंचे और स्थानीय डॉक्टर को बुलाया गया। डॉक्टर ने जांच के बाद गुरमीत को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद डायल-112 को सूचना दी गई। पुलिस टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची और शव को रादौर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में गुरमीत की मौत का कारण हृदय गति रुकना माना जा रहा है, लेकिन मौत के वास्तविक कारण की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
