अहिरवां निवासी सुरेश का अक्सर पत्नी मालती से किसी न किसी बात को लेकर तकरार होता रहता था. शनिवार देर रात भी कुछ ऐसा ही हुआ. सुरेश ने अपनी पत्नी से कहा कि चाय बना दो. आधी रात का समय था, मालती थकी हुई थी, उसने साफ कह दिया खुद बना लो. बस, यहीं से तकरार शुरू हो गई और धीरे-धीरे झगड़ा बढ़ गया. गुस्से में मालती घर से बाहर निकल गई.
गुस्से में तमतमाई मालती सीधे जाजमऊ के गंगा पुल पर पहुंची. आवेश इतना था कि उसने सोचे-समझे बिना ही पुल से गंगा में छलांग लगा दी. मगर जैसे ही पानी में गिरी, होश ठिकाने आ गए. मालती को समझ आ गया कि उसने बड़ा कदम उठा लिया है और अब जान पर बन सकती है. लेकिन बचपन से तैरना जानने की वजह से उसने हिम्मत जुटाई और किनारे की ओर तैरकर बढ़ गई.
जैसे-तैसे किनारे पहुंची ही थी कि अचानक नजर पानी में एक बड़े मगरमच्छ पर पड़ी. डर के मारे मालती का शरीर कांपने लगा. वह समझ गई कि अगर जमीन पर उतरी तो मगरमच्छ हमला कर सकता है. ऐसे में उसे पास ही एक पेड़ दिखाई दिया. जान बचाने की कोशिश में वह फुर्ती से उस पर चढ़ गई और पूरी रात वहीं बैठी रही.
गंगा की तेज धारा, घना अंधेरा और मगरमच्छ का खतरा… इस बीच मालती ने पूरी रात पेड़ पर बैठकर काटी. उसे न भूख की सुध रही, न प्यास की. बस दिमाग में एक ही बात घूम रही थी कि कहीं मगरमच्छ हमला न कर दे. रात का हर पल उसके लिए किसी सदी से लंबा लग रहा था.
सुबह जब आस-पास के गांव के लोग गंगा किनारे से गुजर रहे थे, तभी पेड़ पर बैठी मालती ने मदद के लिए आवाज लगाई. पहले तो लोग हैरान रह गए कि आखिर कोई महिला पेड़ पर क्यों बैठी है. जब मालती ने रोते हुए पूरी बात बताई तो ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी.
सूचना मिलते ही जाजमऊ पुलिस चौकी इंचार्ज विनय यादव टीम के साथ मौके पर पहुंचे. महिला को सुरक्षित नीचे उतारा गया और चाइल्डलाइन की मदद से चौकी लाया गया. इसके बाद पुलिस ने उसके पति सुरेश को भी बुला लिया. पुलिस चौकी में जब दोनों आमने-सामने आए तो पुलिस ने उन्हें समझाया. सुरेश ने भी स्वीकार किया कि बात छोटी सी थी और गुस्से में हालात बिगड़ गए. मालती ने भी माना कि आवेश में आकर उसने गलत कदम उठाया. पुलिस ने दोनों को समझा-बुझाकर वापस घर भेज दिया.
सुरेश ने बताया कि मालती पहले भी नाराज होकर दो-तीन बार घर छोड़कर चली चुकी है. उसे लगा कि इस बार भी वह थोड़ी देर बाद लौट आएगी. लेकिन यह अंदाजा नहीं था कि वह गंगा में कूद जाएगी. वहीं मालती का कहना है कि उस पल उसे सच में लगा कि उसकी जिंदगी खत्म हो जाएगी. मगर गंगा की धारा और मगरमच्छ के बीच भी वह बच गई. उसने पुलिस को बताया ऊपरवाले ने मुझे दूसरी जिंदगी दी है.
यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं. पति से नाराज पत्नी गंगा में कूदती है, तैरकर किनारे आती है, मगरमच्छ देखकर पेड़ पर चढ़ जाती है और फिर सुबह गांव वालों के जरिए बचा ली जाती है. इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में है.
