आगरा के कूचा साधूराम मोहल्ले में रेखा और उसके तीन बच्चों की हत्या का आरोपी रिश्ते का भाई संतोष निकलेगा, यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। मंगलवार को जब पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा किया, तो मोहल्ले के लोग दंग रह गए। लोगों ने हत्यारोपी संतोष को कलयुगी कंस बताकर कोसा। लोग यह नहीं समझ पा रहे थे कि घर से नहीं निकलने वाली रेखा की किसी से दुश्मनी कैसे हो सकती है, खुलासा हुआ तो घरवालों के पैरों तले जमीन खिसक गई। जिन हाथों में रेखा रक्षाबंधन पर राखी बांधा करती थी, उन्हीं हाथों ने उसकी और बच्चों की हत्या कर दी, यह किसी ने सोचा भी नहीं था। हत्याकांड के खुलासे के बाद रेखा के पिता विनोद ने कहा कि वह अब संतोष और उसके साथियों को फांसी से भी बढ़कर अगर कोई सजा है तो वो सजा दिलाना चाहते हैं।

इसलिए की कलयुगी कंस ने बहन और उसके बच्चो की हत्या
रेखा ने संतोष को दो लाख रूपये व् उसके आलावा भी कई बार बीच-बीच में 10 से 15 हजार रूपये उधार दे रखे थे। अब रेखा को रुपयों की जरूरत थी तो उसने संतोष से पैसे मांगे तथा उसने अपनी एक्टिवा भी बेचने के लिए संतोष को दी। वह अपना मकान बेचना चाह रही थी। संतोष के सिर पर पहले से ही कर्ज था कई और लोग उस पर पैसे लोटाने का दबाव बना रहे थे। लेकिन वह कर्ज नहीं चुका पा रहा था। संतोष को लगा कि रेखा के घर में चार से पांच लाख रुपये हैं जिनको लूटने से उसका कर्जा उतर सकता है।
ऐसा करने से रेखा भी रास्ते से हट जाएगी। घटना वाले दिन संतोष अपने साथी वीरू और एक अन्य के साथ मकान दिखाने के बहाने से आया और लगभग चार घंटे तक रुके। इस दौरान उसने रेखा और उसके बच्चों को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर पिला दी। इसके बाद रेखा से रकम के बारे में पूछताछ की और मौका पाते ही उन्होंने चाकू और कैंची से पहले रेखा को मारा, फिर वंश, बाद में पारस और माही की हत्या कर दी।
हत्या के बाद तीनों आरोपी फरार हो गए और रेखा की एक्टिवा लेकर ही कई जगह भी गए थे। इसके बाद जब वो वापस आए तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से कुछ रकम, जेवरात व एक्टिवा भी बरामद करी है।
