रोहतक में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेता पहुंचे। जहां पर जाट आरक्षण की मांग फिर से उठाई। साथ ही जाट नेता यशपाल मलिक ने जाट आंदोलन को लेकर राजकुमार सैनी पर भी निशाने साधे। 10 दिसंबर को गांव जसिया में छोटूराम धाम का स्थापना दिवस मनाया जाएगा। जाट समाज की मांगों पर निर्णय होगा।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक यशपाल मलिक ने कहा कि 2016 के आंदोलन में वे शामिल नहीं थे। साथ ही कहा कि वे उस आंदोलन के हकदार नहीं हैं, जिसमें तोड़फोड़ व मारपीट हो। यदि उन्होंने शुरू किया होता तो वे फैसले में शामिल होते और सरकार से भी वार्ता करते।
यशपाल मलिक ने कहा कि 2014 तक आरक्षण मिला। जब तक यशपाल मलिक आंदोलन में शामिल था तो किसी भी जाति ने विरोध नहीं किया। हरियाणा में जैसे ही सरकार बदली तो सरकार में भागीदारी नहीं होने के कारण जाट नाराज था। साथ ही जो मांगे थी उन्हें भी पूरा नहीं किया गया। हरियाणा के लोग उन्हें चिह्नित करें जो मिलते तो प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से थे और वे ही आंदोलन चलवाते थे।
यशपाल मलिक ने कहा कि राजकुमार सैनी सरकार का कपट था और आज उन्हीं के गले में फांस की हड्डी है। सरकार ने ही राजकुमार सैनी को पाला। उन्होंने चुनाव में सक्रियता पर बोलते हुए कहा कि वे केवल चुनाव में सक्रिय नहीं होते। हालांकि किसी भी समय आंदोलन हो सकता है। उन्होंने यूपी में भी भाजपा का विरोध किया। साथ ही किसान नेताओं से भी आह्वान किया कि वे आंदोलन में एक साथ हैं तो वोट के समय क्यों एकजुट नहीं होते।

