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एक घंटे की देरी से शुरू हुआ जनता दरबार:22 साल बाद भी नहीं बन पाया विजय द्वार, अब जनता दरबार में लगाई गुहार, मिला आश्वासन

सीएम मनाेहर लाल के आदेश के बाद शुरू किए जनता दरबार के बाद भी समस्याओं का अंत नहीं हाे पा रहा है। इस बैठक में लंबे समय से अटका हुआ पूर्व सैनिकों के सम्मान में बनाए जाने वाले विजय द्वार का मामला भी उठा। इसमें पूर्व सैनिक कैप्टन जगबीर मलिक ने कहा कि वे बरसो से इस द्वार के निर्माण को लेकर चक्कर काट रहे हैं। कई बार डीसी व आयुक्त से मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। सिर्फ पूर्व सैनिक अपना सम्मान मांग रहे हैं, किसी का हक नहीं छीन रहे।

फिर भी उनके साथ ज्यादती की जा रही है। वर्ष 2019 में निगम की बैठक में ही तय किया गया था कि विजय द्वार को दिल्ली रोड पर बनाया जाएगा, लेकिन अब तय जगह तय नहीं हो पाई है। इसलिए तिलयार झील के सामने या देवीलाल पार्क के पास भी बनाया जा सकता है। शहर के शांतमाई चौक पर 22 साल पहले कारगिल शहीदों के 4 सम्मान में बनाए स्मृति द्वार का पुनर्निर्माण नहीं हो सका है।

कारगिल युद्ध में रोहतक के 9 जवानों में अपनी शहादत दी थी। इसके बाद तत्कालीन चौटाला सरकार ने शांतमाई चौक पर शहीदों के सम्मान में स्मृति द्वार का निर्माण कराया था। इस स्मृति द्वार काे तत्कालीन हुड्डा सरकार ने सड़क चौड़ीकरण के नाम पर तुड़वाया था और तोड़ने के दौरान शहरवासियों से वादा किया था कि स्मृति द्वार को नई जगह पर भव्य ढंग से बनाया जाएगा, लेकिन इसके बाद कांग्रेस सरकार गई और भाजपा सरकार को आए भी साढ़े आठ साल बीत चुके हैं, लेकिन विजय द्वार नहीं बन पाया है।

अब फिर से अधिकारियों ने आश्वासन दिया है। इस जनता दरबार में 22 शिकायतें पहुंची हैं। शुक्रवार काे लगाया गया जनता दरबार एक घंटा देरी से 12 बजे शुरू किया गया। इस दौरान ज्वाइंट कमीश्नर महेश कुमार, सीनियर डिप्टी मेयर राजकमल सहगल, डिप्टी मेयर अनिल कुमार व अन्य पार्षद भी मौजूद रहे।

हिसार राेड निवासी ज्वाला तंवर ने बताया कि हिसार राेड पर कृष्णा मार्केट के बाहर नाले गंदगी से भरे हाेने के कारण गंदा पानी दुकानों के आगे भर जाता है। सभी दुकानदारों व लाेगाें काे सड़क पर गंदा पानी खड़ा हाेने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

गांधी नगर निवासी गिरधारी लाल ने बताया कि उनकी फैमिली आईडी में तीन मेंबर है। वह, उनकी पत्नी और एक बेटा। बेटा मजदूरी करता है और वे दाेनाें बुढापा पेंशन लेते हैं। उनकी फैमिली आईडी में उनकी सालाना आय 6 लाख रुपए दिखा रखी है। इसके कारण 4 महीने से उनकी पेंशन नहीं आई।

मकान काे दिखाया काॅमर्शियल जनता काॅलाेनी निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि साढ़े तीन साल से उनकी जमीन पर मकान बना हुआ है और उनकी प्राॅपर्टी आईडी काे कॉमर्शियल में चढ़ा दिया है। जबकि उस जगह पर उन्होंने काेई भी दुकान व कॉमर्शियल गतिविधि नहीं की हुई है।

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