रोहतक की जनता कालोनी में होटल संचालक दंपती हत्याकांड के बाद आरोपित बेटे ने देसी कट्टों को अपने ही घर के स्टोर रूम में छिपा दिया था। हत्याकांड के बाद आरोपित ने दोनों हथियारों को एक कपड़े में लपेटा और अलमारी में रख दिया था। तीन दिन के रिमांड पर हुई पूछताछ के बाद आरोपित ने दो दिन तक पुलिस को गुमराह किया।हथियारों की बरामदगी को लेकर वह बार-बार बयान बदलता रहा। पुलिस उसे लेकर हरिद्वार के चंडीघाट पर भी पहुंची थी, लेकिन वहां पर भी हथियार बरामद नहीं हुए थे। इसके बाद आरोपित से सख्ती से पूछताछ की, तब जाकर उसने बताया कि हत्याकांड के बाद उसने दोनों देसी कट्टे अपने घर के स्टोर रूम में छिपा दिए थे। यह स्टोर रूम बंद रहता है, जिस कारण पुलिस ने भी उस तरफ ध्यान नहीं दिया।
हथियारों का पता चलने के बाद पुलिस देर शाम आरोपित को लेकर उसके घर पहुंची और दोनों हथियार बरामद किए। इसके अलावा पुलिस ने उस कमरे में सीन रिक्रिएट भी किया। आरोपित ने बताया कि वारदात के समय वह कहां पर खड़ा था और उसके माता-पिता किस तरफ मुंह करके सो रहे थे। तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद आरोपित को वीरवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह था मामला जनता कालोनी के रहने वाले होटल संचालक चंद्रभान और उसकी पत्नी निशा की शनिवार तड़के सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
हत्याकांड का आरोप उनके बेटे तरुण पर था। तीन दिन पहले पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस के अनुसार, आरोपित पर करीब 15 लाख रुपये कर्ज था। कर्ज को उतारने के लिए वह होटल को अपने नाम कराना चाहता था, लेकिन उसके माता-पिता होटल नाम नहीं कर रहे थे। इस वजह से हत्याकांड को अंजाम दिया गया। वर्जन आरोपित की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त दोनों हथियार उसके घर से बरामद कर लिए गए हैं। रिमांड की अवधि पूरी होने पर आरोपित को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। – इंस्पेक्टर शमशेर सिंह , थाना प्रभारी शिवाजी कालोनी

