हरियाणा के सोनीपत में दिनदहाड़े बीच सड़क से एक पटवारी का अपहरण कर लिया गया। बदमाशों ने उसकी रिहाई के लिए 2 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। बाद में परिजनों ने 19 लाख रुपए फिरौती देकर पटवारी को मुक्त कराया। पटवारी के अपहरण की वारदात मौके पर लगे CCTV में कैद हुई है। बदमाश उसे कार में धकेलते हुए दिखाई दे रहे हैं। आसपास से लोग गुजर रहे हैं, लेकिन कोई कुछ नहीं कहता। सब लोग खड़े होकर तमाशा देख रहे होते हैं। वारदात की सूचना के बाद पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, सोनीपत शहर के मयूर विहार में रहने वाले पटवारी ओमप्रकाश मलिक बुधवार को रोजाना की तरह अपनी ब्रेजा कार से ऑफिस जाने के लिए निकले थे। जब वह एक पेट्रोल पंप के बाहर रुके तो वहीं पर एक अर्टिगा गाड़ी में सवार होकर करीब 5 लोग आए।उनमें से 2 बदमाश आकर पटवारी की गाड़ी में बैठे और एक बदमाश ओमप्रकाश को अंदर धकेलने लगा। पटवारी ने उससे छूटने की कोशिश की, लेकिन अंदर आकर बैठ चुके बदमाशों ने उन्हें अंदर खींच लिया और बाहर से दरवाजा बंद करने में मदद की।
सोनीपत में पटवारी-कानूनगो एसोसिएशन के प्रधान सन्नी भैया के मुताबिक अपहरण की यह घटना CCTV में कैद हुई है। जब बदमाश वारदात को अंजाम दे रहे थे, उस समय मौके पर मौजूद लोग खड़े होकर तमाशा देख रहे थे। कोई भी ओमप्रकाश की मदद के लिए नहीं आया। सन्नी के मुताबिक बदमाशों ने ओमप्रकाश को उनके घर से कुछ ही दूरी पर किडनैप किया। किडनैपर 5 लोग थे। 2 लोग ओमप्रकाश की गाड़ी में आकर बैठ गए थे। वहीं, 3 लोग उनके पीछे चल रही गाड़ी में थे। उन सभी के पास हथियार थे। उनमें से एक के पास जहर लगा सुआ था, जिससे वह ओमप्रकाश को बार-बार धमका रहा था। बदमाश कह रहा था कि अगर हल्ला मचाया या कोई चालाकी करने की कोशिश की तो यही जहर वाला सुआ घुसा देगा।
सन्नी के मुताबिक, किडनैपर ओमप्रकाश को लेकर शहर में चक्कर लगाते रहे। उन्होंने ओमप्रकाश के परिजनों को फोन कर उसने 2 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। इसके बाद परिजनों ने अपने दोस्तों-रिश्तेदारों से पैसे जमा किए। इतना करने के बाद भी वे केवल 19 लाख रुपए ही इकट्ठे कर पाए। उन्हीं रुपयों को लेकर परिजन किडनैपरों की बताई जगह पर पहुंचे।
ओमप्रकाश के परिजनों ने उन्हें बड़वासनी में जाकर छुड़वाया। वहां मौजूद जिओ पेट्रोल पंप के आगे उन्होंने किडनैपरों को पैसे दिए। कम पैसे होने के कारण पहले किडनैपर नाराज हुए। उन्होंने जान से मारने की धमकी दी। लेकिन, बाद में उन्होंने परिजनों को 2 दिन की मोहलत देकर कहा कि बाकी पैसे जमा कर लें, नहीं तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे। इतना कहने के बाद बदमाश पटवारी को लेकर गाड़ी में ही आगे चले गए। पैसे भी साथ ले गए। इसके बाद उन्होंने थोड़ी आगे जाकर ओमप्रकाश को गाड़ी समेत छोड़ दिया। परिजन ओमप्रकाश को लेकर घर पहुंच गए। सन्नी के मुताबिक, ओमप्रकाश के 3 बच्चे हैं।
पटवारी के अपहरण की घटना के बाद पटवारियों में रोष छा गया। उन्होंने आरोप लगाया गया कि पुलिस अपहरणकर्ताओं को संरक्षण दे रही है। इसे लेकर गुरुवार को सोनीपत में पटवारी हड़ताल पर रहे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की है।

