हरियाणा के उन युवाओं के लिए अच्छी खबर है, जो खुद का उद्यम या स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। ऐसे युवाओं को सरकार रियायती दरों पर स्पेस (जगह) उपलब्ध करवाएगी। इसके लिए प्रदेश में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले तीन शहरों में सरकार ये सुविधा शुरू करने जा रही है। इनमें गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद जिले शामिल हैं।

हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (HSIIDC) ने इसके लिए जगह चिन्हित कर ली है। अधिकारियों द्वारा जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सामने इनक्यूबेशन सेंटर का पूरा ड्राफ्ट रखा जाएगा। मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद इन पर काम शुरू हो जाएगा। यदि तीनों शहरों में ये प्रोजेक्ट अगर कामयाब होते हैं तो फिर सोनीपत, पानीपत सहित अन्य औद्योगिक शहरों में भी युवाओं को यह सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। नायब सरकार ने अपने बजट में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करने की घोषणा की थी।

इनक्यूबेशन सेंटर एक ऐसा स्थान या संगठन है जो शुरुआती चरण के स्टार्टअप और उद्यमियों को उनके विकास में मदद करता है। यह उन्हें संसाधन, सलाह, और नेटवर्क के अवसर प्रदान करके सफल होने में मदद करता है। इनक्यूबेशन सेंटर अक्सर विश्वविद्यालयों, संस्थानों, या निजी कंपनियों द्वारा स्थापित किए जाते हैं।इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन हो सकते हैं, जो उन्हें अपने व्यवसाय को शुरू करने और विकसित करने में मदद करते हैं।

जानें इनक्यूबेशन सेंटर की पूरी जानकारी ?

इनक्यूबेशन सेंटर में युवाओं को कई सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। ये पूरी तरह से वातानुकूलित और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। पर्सनल स्पेस, कॉमन स्पेस, कॉमन लैब व मीटिंग रूम के अलावा वाईफाई की सुविधा भी इन सेंटर्स में होगी।अपना खुद का व्यवसाय करने या स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं के सामने शुरुआती दौर में जगह की ही सबसे बड़ी समस्या आती है। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा भी कई जगहों पर ‘अटल इनक्यूबेशन सेंटर’ स्थापित किए गए हैं।

कई प्राइवेट कंपनियों द्वारा भी यह सुविधा दी जा रही है। हरियाणा में ये अपनी तरह के पहले सेंटर होंगे। शुरुआती चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद और मानेसर को इसलिए चुना गया है, क्योंकि यहां सबसे अधिक मल्टीनेशनल कंपनियों के मुख्यालय हैं। ये तीनों ही प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र भी हैं।

नायब सरकार ने स्टार्टअप में निवेश बढ़ाने के लिए फंड ऑफ फंड्स बनाने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत सरकार 2000 करोड़ रुपए का फंड जुटाएगी। इसमें सरकार का भी शेयर होगा और प्रदेश के विभिन्न निजी निवेशकों को इस फंड में भागीदार बनाने के लिए जागरूक व प्रेरित किया जाएगा। इस फंड को स्टार्टअप में निवेश करने की प्लानिंग है ताकि बड़ी कंपनियों को नये चेहरे और प्रोजेक्ट मिल सके और स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को प्लेटफार्म उपलब्ध हो सके।

इनक्यूबेशन सेंटर में युवाओं को टेक्निकल सपोर्ट भी सरकार मुहैया कराएगी। कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए ट्रेंड टीम के साथ-साथ युवाओं के लिए सलाह, मार्गदर्शन और विशेषज्ञों के उपयोग का भी प्रबंध होगा। अगर युवा चाहेगे तो सरकार द्वारा यहां नियुक्त किए जाने वाले प्रोफेशनल लोगों से मदद भी ले सकेंगे। सरकार का मुख्य मकसद युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाना है।

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