हरियाणा के कुरुक्षेत्र में नोएडा के एक IT इंजीनियर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शिमला से नोएडा लौटते समय रास्ते में उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्होंने कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में कमरा लिया था। दो दिन तक कमरे से बाहर नहीं निकलने पर होटल कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर देखा तो इंजीनियर बेड पर बेहोश पड़े मिले। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान 48 वर्षीय कुश शर्मा के रूप में हुई है। वह नोएडा की एक निजी कंपनी में IT इंजीनियर थे और गौतमबुद्ध नगर में परिवार के साथ रहते थे।
तबीयत बिगड़ने पर ट्रेन से उतर गए
पुलिस के अनुसार, कुश शर्मा शिमला से नोएडा लौट रहे थे और सोमवार को अपनी कंपनी में दोबारा ड्यूटी जॉइन करनी थी। सफर के दौरान अचानक तबीयत खराब होने पर उन्होंने कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन पर उतरकर पास के एक होटल में कमरा लिया।
इसके बाद वह लगातार कमरे में ही रहे और बाहर नहीं निकले। होटल स्टाफ ने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
दरवाजा तोड़कर निकाला, अस्पताल में तोड़ा दम
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और होटल के कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर कुश शर्मा बेड पर बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें तुरंत एलएनजेपी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
कमरे से मिली मानसिक बीमारी की दवाइयां
पुलिस को कमरे से मानसिक बीमारी से जुड़ी दवाइयों के रैपर मिले हैं। मृतक के चचेरे भाई नितेश शर्मा ने बताया कि कुश पिछले 7-8 वर्षों से मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे और उनका नोएडा में इलाज चल रहा था।
परिजनों का कहना है कि दवाइयों के ओवरडोज की वजह से मौत होने की आशंका है। कुश शर्मा अपने पीछे पत्नी और 8 वर्षीय बेटी को छोड़ गए हैं।
विसरा रिपोर्ट से होगा मौत के कारण का खुलासा
फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. गौरव कौशिक ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। विसरा जांच के लिए पंचकूला स्थित मोगीनंद लैब भेजा गया है।
फिलहाल पुलिस ने इत्तेफाकिया कार्रवाई (इनक्वेस्ट) करते हुए पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच जारी है।

