हरियाणा के भिवानी की लेडी टीचर मनीषा का गुरुवार को 9वें दिन अंतिम संस्कार किया गया। मनीषा को उनके छोटे भाई नितेश (13) ने मुखाग्नि दी। इस दौरान पिता संजय फूट-फूट कर रोए।
शव को सुबह 8 बजे भिवानी के सिविल अस्पताल से सीधा गांव ढाणी लक्ष्मण के श्मशान घाट लाया गया। इस दौरान काफी संख्या में ग्रामीण मनीषा को अंतिम विदाई देने पहुंचे। उन्होंने मनीषा अमर रहे के नारे भी लगाए।
अंतिम संस्कार को लेकर गांव में पुलिस तैनात रही। इसके साथ रैपिड एक्शन फोर्स भी मौजूद रही। पुलिस ने बंद रास्तों को JCB के जरिए खुलवाया।
इसके साथ ही भिवानी में इंटरनेट बंद की समय सीमा बढ़ा दी गई है। अगले 24 घंटे भी इंटरनेट बंद रहेगा। वहीं, चरखी दादरी से बैन हटा दिया गया है। हालांकि आज 11 बजे तक यहां इंटरनेट बंद है।
बुधवार को दिल्ली AIIMS में तीसरी बार मनीषा के शव का पोस्टमॉर्टम हुआ। इससे पहले भिवानी सिविल अस्पताल और रोहतक PGI में पोस्टमॉर्टम हुआ था।
मनीषा के अंतिम संस्कार के लिए परिवार बुधवार को शाम करीब 6 बजे राजी हुआ था। दरअसल, परिवार ने 2 मांगें सरकार के सामने रखी थीं, जिसमें केस की जांच CBI से कराने और दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाना शामिल था।
CM नायब सैनी ने कहा कि परिवार की मांग पर जांच CBI को सौंपी जा रही है। इस मामले में पूरा न्याय किया जाएगा। दोपहर होने तक सरकार ने दूसरी मांग भी मान ली और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए दिल्ली भेजा गया। इस दौरान मनीषा के परिवार को भी पुलिस एस्कॉर्ट करके दिल्ली ले गई।
इसके बाद मनीषा के दादा राम किशन ने धरने में कहा कि हमारी दोनों मांगें पूरी हो गई हैं। हम बेटी का अंतिम संस्कार करना चाहते हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म कर दिया।
