झज्जर में चुन्नी के साथ झूला बना कर खेल रही 8 साल की मासूम की मौत हो गई। झूलते वक्त चुन्नी का फंदा बन कर अचानक से उसके गले में फंस गया और दम घुटने से उसकी जान चली गई। वह काफी देर छटपटाई भी, लेकिन परिजन के आने तक उसने दम तोड़ दिया।
मामला गांव बरहाना का है। लड़की चौथी क्लास में पढ़ती थी। जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त घर में कोई नहीं था। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसका पोस्टमॉर्टम झज्जर के नागरिक अस्पताल में कराया। साथ ही इस मामले को इत्फाकिया हादसे में दर्ज किया है।
गांव बरहाना निवासी विनोद की 8 साल की बेटी योगिता की मां सविता की मौत हो चुकी है। विनोद ने बताया कि सविता चाय बना रही थी, जिसमें छिपकली गई थी। इसका पता सविता को इसका पता नहीं चला और उसने चाय पी ली थी। तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। उस वक्त योगिता करीब ढाई साल की थी।
योगिता को उसकी दादी माया देवी ने पाल पोस कर बड़ा किया था। कुछ महीने पहले ही योगिता के पिता विनोद ने दूसरी शादी की है, मगर ज्यादा लगाव होने के कारण योगिता अपनी दादी के साथ ही रहती थी। रात में दादी के पास ही सोती थी।
विनोद ने बताया कि उसके परिवार के आमने सामने दो घर हैं। एक घर में वह परिवार पत्नी और बेटी के साथ रहता है, जबकि सामने वाले घर में उसकी मां रहती है। योगिता गांव के ही स्कूल में कक्षा चार में पढ़ती थी। करीब दो बजे योगिता स्कूल से आई और अपनी मम्मी से खाना मांगा। मम्मी ने कहा कि अभी थोड़ी देर लगेगी। इस पर योगिता ने मैगी खाने की इच्छा जताई। फिर मम्मी से न बनवाकर खुद ही मैगी बनाई और खाकर दादी के घर में खेलने चली गई।
दादी के घर में खेलते वक्त वह जमीन से पांच फुट ऊंची खूंटी पर टांगी गई चुन्नी का झूला बनाकर खेलने लगी। इसी दौरान गोल-गोल घूमने से चुन्नी उसके गले में कस गई। जैसे ही चुन्नी उसके गले में कसी, वैसे ही उसका दम घुटने लगा। जब तक परिजन वहां पहुंचे, उसकी मौत हो गई थी। इसी दौरान पड़ोसी की लड़की उसके पास खेलने पहुंची। योगिता को चुन्नी में फंसा देख सामने के घर में जाकर परिवार को जानकारी दी कि योगिता हिल नहीं रही है। इसके बाद परिजन दौड़ते हुए वहां पहुंचे, मगर तब तक योगिता ने दम तोड़ दिया था।
