भिवानी। कांग्रेस में गुटबाजी और एक-दूसरे की टांग खिंचाई पिछले कुछ बरसों से किसी से छिपी नहीं है, मगर अब यह छींटाकशी तक आ पहुंची है।
फौजी खुलकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। 20 सितंबर को बवानीखेड़ा में हुए कांग्रेस के ब्लाॉक स्तरीय सम्मेलन में सांसद दीपेंद्र हुड्डा, सासंद जयप्रकाश सहित कई नेता पहुंचे थे।
सम्मेलन में पूर्व मुख्य ससंदीय सचिव रामकिशन फौजी नहीं पहुंचे। सम्मेलन में सांसद दीपेंद्र हुड्डा की मौजूदगी में सांसद जयप्रकाश ने बवानीखेड़ा से कांग्रेस के तीन बार के विधायक व मुख्य संसदीय सचिव रह चुके रामकिशन फौजी पर हमला बोला।
उन्होंने बिना नाम लिए कहा था कि बार-बार पार्टी ने जिनको विधायक व दूसरे पद दिए, पार्टी की पीठ में छुरा घोंपकर रातों-रात भाजपा के मददगार बन गए, उनको सबक सिखाना जरूरी है।
बुधवार को पूर्व सीपीएस रामकिशन फौजी ने जयप्रकाश के आरोपों को पूरे बवानीखेड़ा हलके का अपमान बताया। फौजी ने कहा कि जिस जनसभा में कांग्रेस को मजबूत करने और भाजपा सरकार को हटाने की बातें होनी चाहिए थी, उसमें इस काली भेड़ ने मेरे खिलाफ बोला।
जयप्रकाश जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। ये वही हैं, जिसने पूर्व उप प्रधानमंत्री देवीलाल व पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल तक से दगा किया। तभी चौ. बंसीलाल ने इसे चंबल का डाकू और इनेलो नेता ने कटड़े बेचने वाला कहा था। ये ही हैं, जो कहते थे कांग्रेस को 70 नहीं 40 सीटें ही जीतनी हैं। फौजी ने कहा कि जयप्रकाश परिवार का नहीं हुआ वो पार्टी का कभी नहीं हो सकता। उन्होंने बवानीखेड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रदीप नरवाल को भी निशाने पर लिया।
