रोहतक में डेंगू और मलेरिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर मच्छरों के लारवा की जांच कर रही हैं, ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके। जिन घरों में लारवा मिल रहा है, वहां नोटिस भी दिए जा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग रोज़ाना जिले में 10 हजार से ज्यादा घरों की जांच कर रहा है। इसके लिए शहर में 20 टीमें लगाई गई हैं, जिनमें 20 एमपीएचडब्ल्यू और 40 अन्य कर्मचारी शामिल हैं। ग्रामीण इलाकों में भी जांच के लिए टीमें तैनात हैं। कुल मिलाकर 142 टीमें फील्ड में काम कर रही हैं।
जिले में अब तक डेंगू के 36 केस मिल चुके हैं, जिनका इलाज चल रहा है। वहीं, 4 केस मलेरिया के मिले हैं। जिन घरों में डेंगू व मलेरिया के केस मिले, वहां आसपास के क्षेत्र में फोगिंग करवाई गई है। वहीं, दोबारा उन घरों में स्वास्थ्य विभाग की टीम जाकर चेक करती है, ताकि दोबारा वहां लारवा ना मिले
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लारवा की जांच करने के लिए फील्ड में जा रही टीम ने अब तक 2448 लोगों को लारवा मिलने पर नोटिस दिया है। टीम जब दोबारा उन घरों में गई तो वहां लारवा नहीं मिला। वहीं, टीम घरों में जाकर बुखार वाले मरीजों की जांच भी कर रही है।
जिला के मलेरिया विभाग में नोडल अधिकारी डॉ. कपिल गुप्ता ने बताया कि जिले में लारवा की जांच के लिए चैकिंग चल रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीम रोजाना 10 हजार से अधिक घरों में लारवे की जांच कर रही है। डेंगू व मलेरिया की पुष्टि लैब टेस्ट के माध्यम से होती है। डेंगू के लिए सिविल व पीजीआई में टेस्ट उपलब्ध है। वहीं, मलेरिया की स्लाइड लेकर टीम आती है।
डेंगू व मलेरिया के लारवा को पनपने ना दें। डेंगू व मलेरिया का लारवा साफ पानी में ही पनपता है, ऐसे में घर या बाहर पानी ना भरने दें। अगर कहीं पानी भरा हो तो तुरंत उसे निकाल दें और लारवा हो तो उसमें काला तेल या दवाई डाल दें। अगर कहीं लारवा मिलता है तो उसके आसपास फोगिंग करवाई जाती है। डेंगू व मलेरिया होने पर तुरंत डॉक्टर से इलाज करवाए।
