रोहतक में पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल चुनाव के तहत 18 मार्च को मतदान हुआ था, जिसके नतीजे चौंकाने वाले रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष और पूर्व बार प्रधान रणवीर ढाका अपने ही गढ़ में बुरी तरह पिछड़ गए। कुल 4,165 में से 2,899 वोट पड़े, लेकिन रणवीर ढाका को सिर्फ 181 वोट ही मिल सके।
बार और राजनीति—दोनों में मजबूत पकड़ रखने वाले रणवीर ढाका को लेकर माना जा रहा था कि उनका नेटवर्क उन्हें बढ़त दिलाएगा। वे कई बार रोहतक बार एसोसिएशन के प्रधान और बार काउंसिल के उपप्रधान रह चुके हैं। चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्री तक से समर्थन मांगा था। समर्थकों का दावा था कि पार्टी स्तर पर वकीलों को उनके पक्ष में लामबंद किया गया, लेकिन चुनाव परिणामों ने इन सभी दावों को गलत साबित कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक भाजपा जिलाध्यक्ष रणवीर ढाका ने इस बार गैर-भाजपा वकीलों पर भी दांव खेला। उन्होंने कांग्रेस और अन्य दलों से जुड़े अधिवक्ताओं का समर्थन जुटाने की कोशिश की, लेकिन आखिरी समय में समीकरण बदल गए। जिस कांग्रेसी अधिवक्ता पर ढाका ने भरोसा जताया था, उसने अपने ही रिश्तेदार को चुनाव मैदान में उतार दिया। इससे संभावित वोट बैंक बिखर गया और उनकी पूरी रणनीति विफल हो गई।
सूत्रों के अनुसार भाजपा जिलाध्यक्ष रणवीर ढाका ने इस चुनाव में गैर-भाजपा वकीलों पर भी दांव लगाया। उन्होंने कांग्रेस और अन्य दलों से जुड़े अधिवक्ताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश की, लेकिन अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदल गए। जिस कांग्रेसी अधिवक्ता पर उन्होंने भरोसा जताया था, उसी ने अपने एक रिश्तेदार को मैदान में उतार दिया। इसके चलते संभावित वोट बैंक बंट गया और उनकी पूरी रणनीति धराशायी हो गई।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक रोहतक बार एसोसिएशन की मतगणना ने यह संकेत दे दिया है कि रणवीर ढाका की अपने जिले में पकड़ पहले जैसी मजबूत नहीं रही। जिस बार में वे कई बार प्रधान रह चुके हैं, वहीं से अपेक्षाकृत कम समर्थन मिलना उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि इस नतीजे का असर उनकी जिलाध्यक्ष की कुर्सी पर भी पड़ सकता है।
रोहतक बार में डाले गए कुल 2899 वोटों में से अंजली सहरावत को 799 वोट मिले, जबकि विजेंद्र अहलावत को 521 और बलवान सुहाग को 244 वोट प्राप्त हुए। रणवीर ढाका को 181 वोट मिले, वहीं दिव्या दहिया को 16 और योगेश शर्मा को केवल 5 वोट ही हासिल हुए। अभी दूसरी वरीयता के मतों की गणना का परिणाम आना बाकी है।
