रोहतक के सिंहपुरा रोड पर ड्रेन नंबर आठ के नजदीक सीवरेज के मैनहाल में युवती और दो बच्चों की हत्या गला दबाकर की गई थी। तीनों की हत्या करीब 20 दिन पहले की गई थी, इसके बाद शवों को वहां पर लाकर फेंक दिया गया। बोर्ड के माध्यम से वीरवार को तीनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया था। पोस्टमार्टम के बाद यह जानकारी सामने आई है
हालांकि शव इतने दिन पुराने हो चुके थे कि स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सकी। जिसके चलते बोर्ड ने तीनों का बिसरा जांच के लिए भी भेजा है। उधर, तीनों के शवों की पहचान नहीं हो सकी है। कलानौर क्षेत्र के एक युवक की पत्नी और दो बच्चे लापता है। ऐसे में पुलिस ने युवक और उसकी पत्नी के मायके वालों को भी बुलाया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया कि वह उनके परिवार के सदस्य नहीं है, लेकिन पुलिस उनके बयान पर सहमत नहीं है। पुलिस के शक की सुई उसी परिवार के इर्द-गिर्द घूम रही है। इस वजह से परिवार का डीएनए भी कराया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस के लिए तीनों शवों की पहचान कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। पुलिस ने सबसे पहले रोहतक जिले से लापता महिला और बच्चों का रिकार्ड खंगाला। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों से भी रिकार्ड पता किया जा रहा है कि इस तरह का कोई परिवार लापता तो नहीं है। शुक्रवार को अंबाला, सोनीपत और नारनौल से भी तीन परिवार बुलाए गए। जिन्हें युवती और बच्चों के शव दिखाए गए, लेकिन उन्होंने भी मना कर दिया कि यह उनके परिवार के सदस्य नहीं है।
ड्रेन नंबर आठ के नजदीक सीवरेज मैनहोल में बुधवार को एक युवती व दो बच्चियों के शव मिले थे। जो कई दिन पुराने थे। महिला के दाहिने हाथ में हरे रंग की चूड़ी मिली थी। सीवरेज में काफी दिन तक पड़े रहने के कारण शव पूरी तरह से सड़ गए थे। वीरवार को पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया था। अभी तक तीनों की पहचान नहीं हो सकी है।
करीब 10 परिवारों को बुलाया जा चुका है। फिलहाल शवों की पहचान नहीं हो सकी है। एक परिवार शक के दायरे में है। जरूरत पड़ी तो उसका डीएनए टेस्ट भी कराया जाएगा। प्रयास किया जा रहा है कि जल्दी से जल्दी उनकी पहचान कराई जा सके।

